नोएडा शहर में लगातार हो रही दोपहिया वाहनों की चोरी पर अंकुश लगाते हुए थाना सेक्टर-113 पुलिस ने एक बड़े और सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग की सटीक रणनीति के बल पर पुलिस ने तीन शातिर चोरों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से और उनकी निशानदेही पर कुल 14 चोरी की मोटरसाइकिलें, चोरी में प्रयुक्त एक अन्य बाइक और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। पुलिस की इस त्वरित और योजनाबद्ध कार्रवाई से क्षेत्र में वाहन चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है।
सर्फाबाद क्षेत्र से हुई तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 4 अगस्त को थाना सेक्टर-113 पुलिस की टीम ने मुखबिर की सूचना और खुफिया इनपुट के आधार पर ग्राम सर्फाबाद (सेक्टर-73) इलाके में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित राघव (पुत्र देवेंद्र), कौशल (पुत्र जोगिंद्र सिंह) और अमित (पुत्र जयपाल) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी मूल रूप से अलीगढ़ जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं और वर्तमान में नोएडा के सर्फाबाद गांव में किराए पर रहकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
मॉल, रेस्टोरेंट और डिलीवरी बॉयज की बाइकें थीं निशाने पर
कड़ाई से की गई पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अपराध करने के तरीके का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे सबसे पहले अपनी बाइक से शहर के व्यस्त इलाकों की रेकी करते थे। इसके बाद शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, ब्लिंकइट और जेप्टो जैसे क्विक-कॉमर्स डिलीवरी केंद्रों के बाहर खड़ी दोपहिया गाड़ियों को अपना निशाना बनाते थे। वाहन चोरी करने के तुरंत बाद वे गाड़ियों को किसी सुनसान जगह या झाड़ियों में छुपा देते थे ताकि पुलिस चेकिंग से बचा जा सके। जैसे ही मामला थोड़ा ठंडा पड़ता, वे फर्जी दस्तावेजों या बिना कागजातों के ही इन गाड़ियों को सस्ते दामों में बेचकर नौ दो ग्यारह हो जाते थे।
दिल्ली-एनसीआर में फैला था आपराधिक नेटवर्क
पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पकड़े गए तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपियों पर दिल्ली के सरिता विहार थाने के साथ-साथ नोएडा के थाना फेस-3 और थाना सेक्टर-113 में वाहन चोरी के कई मुकदमे पंजीकृत हैं। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक कुल कितनी गाड़ियों पर हाथ साफ किया है और चोरी की बाइकें खरीदने वाले खरीदार कौन-कौन हैं। बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें गाड़ियां सुपुर्द करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस की आम जनता से सुरक्षा अपील
नोएडा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध और वाहन चोरों के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा। इसके साथ ही पुलिस ने नागरिकों से सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि लोग अपने दोपहिया वाहनों को हमेशा अधिकृत व सुरक्षित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें, डबल लॉक व व्हील लॉक का अनिवार्य प्रयोग करें और अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना बिना देरी किए स्थानीय पुलिस को दें।





















































