कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए सड़क धंसाव के गंभीर मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता में भारी चूक और पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (PNC Infratech Limited), स्वतंत्र इंजीनियर फर्म और कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ चौतरफा अनुशासनात्मक एक्शन लिया है। इस कदम से इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनियों और लापरवाह अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
पीएनसी इंफ्राटेक को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की तैयारी
सड़क धंसने की इस घटना को एनएचएआई ने बेहद गंभीरता से लिया है। प्राधिकरण ने मुख्य रियायतग्राही कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उसे भविष्य में एनएचएआई की किसी भी नई परियोजना और निविदा प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पूरी तरह अयोग्य (डिबार) घोषित कर दिया जाएगा। अनुबंध के कड़े नियमों के तहत कंपनी पर अन्य वित्तीय व कानूनी कार्रवाइयां भी प्रस्तावित की गई हैं।
परियोजना निदेशक और अभियंताओं पर गिरी गाज
निर्माण की गुणवत्ता पर नजर रखने में विफल रहे कई प्रमुख अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है। एनएचएआई ने निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, स्वतंत्र इंजीनियर के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को एक्सप्रेसवे परियोजना से तुरंत हटा दिया है। इन तीनों ही अधिकारियों पर आगामी दो वर्षों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), एनएचएआई और NHIDCL की सभी भावी परियोजनाओं से जुड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
दो परियोजना निदेशकों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी
परियोजना की कमान संभाल रहे प्रशासनिक अधिकारियों पर भी आंच आई है। वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त, लापरवाही के आरोप में पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया तथा वर्तमान परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा के विरुद्ध औपचारिक रूप से आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, परियोजना की निगरानी के लिए जिम्मेदार स्वतंत्र इंजीनियर एजेंसी ‘थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ को भी डिबार करने के उद्देश्य से नोटिस भेजा गया है।
गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: NHAI
एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में सुरक्षा, उत्तरदायित्व और उच्च गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक्सप्रेसवे धंसने जैसी घटनाएं न केवल सार्वजनिक धन की बर्बादी हैं, बल्कि आम जनता के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा पैदा करती हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी तकनीकी चूक या लापरवाही पर इसी प्रकार की कड़ा कदम उठाया जाएगा।





















































