गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में हुई 1.30 करोड़ रुपये की सनसनीखेज सराफा लूट का महज तीन दिनों (72 घंटे) के भीतर शत-प्रतिशत खुलासा कर दिया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांचों शातिर बदमाशों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही से लूटा गया 1 करोड़ 30 लाख रुपये की कीमत का शत-प्रतिशत सोना-चांदी, वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की बलेनो कार, एक अवैध तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। चूंकि बरामद आभूषणों का मूल्य 1 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए पुलिस प्रशासन इस मामले की विस्तृत जानकारी आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी सौंपने जा रहा है।
एक्सीडेंट का नाटक कर तमंचे के बल पर लूटा था आभूषण
पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह दुस्साहसिक वारदात 2 अगस्त 2026 की तड़के लगभग 4:30 बजे जीरो प्वाइंट के पास घटी थी। दिल्ली के प्रसिद्ध चांदनी चौक बाजार से एक सराफा व्यापारी बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के बहुमूल्य आभूषण लेकर कार से आगरा डिलीवरी देने जा रहा था। इसी दौरान अपराधियों ने सोची-समझी साजिश के तहत व्यापारी की कार को टक्कर मारकर रुकवाया और दुर्घटना का बहाना बनाया। जैसे ही व्यापारी बाहर निकला, बदमाशों ने तमंचा तानकर गहनों से भरा पूरा बैग छीन लिया और मौके से रफूचक्कर हो गए।
200 से अधिक CCTV खंगाले, स्पेशल टीमों ने एटीएस गोलचक्कर पर दबोचा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने तुरंत पांच विशेष जांच टीमों का गठन किया। एसओजी (SOG) ग्रेटर नोएडा, थाना बीटा-2 और थाना इकोटेक-1 की संयुक्त टीमों ने दिन-रात एक करते हुए 200 से भी अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की सटीक लोकेशन ट्रेस की और एटीएस गोलचक्कर के पास घेराबंदी कर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान अंकुर, अमित, सोहित बंसल, हिमांशु और कमलकांत के रूप में हुई है।
फाइनेंस में 1 करोड़ के घाटे ने बनाया लुटेरा: चांदनी चौक में 8 दिन की थी रेकी
पुलिस पूछताछ में गिरोह की पूरी खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ। आरोपी कमलकांत पहले से ही सराफा व्यापारियों के संपर्क में था। उसने बताया कि फाइनेंस कंपनी के कारोबार में उसे करीब 1 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था और रिश्तेदारों के कर्ज का भारी दबाव था। इस कर्जे से उबरने के लिए उसने लूट का प्लान बनाया। वारदात से करीब आठ दिन पहले कमलकांत ने दिल्ली के चांदनी चौक में व्यापारियों की दिनचर्या और आवाजाही की लगातार रेकी की। जैसे ही उसे पक्की सूचना मिली कि एक खास कार से करोड़ों के गहने आगरा भेजे जा रहे हैं, उसने अपने साथियों के साथ दो गाड़ियों में व्यापारी का पीछा किया और जीरो प्वाइंट के पास वारदात को अंजाम दिया।
635 ग्राम सोना और 12 किलो से अधिक चांदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से लूटा गया पूरा माल बरामद कर लिया है। इसमें 635 ग्राम सोने के गहने शामिल हैं—जिनमें 5 सोने के हार, 2 मंगलसूत्र, 29 पेंडेंट, 56 महिला अंगूठियां, 34 पुरुष अंगूठियां, 18 लॉकेट और 42 जोड़ी झुमकियां शामिल हैं। इसके अलावा 12.138 किलोग्राम शुद्ध चांदी, बिना नंबर की बलेनो कार और 315 बोर का तमंचा मय कारतूस बरामद किया गया है। थाना बीटा-2 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इन अभियुक्तों के पुराने आपराधिक इतिहास की पड़ताल कर रही है।





















































