देवरिया:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सीधा और करारा राजनीतिक हमला बोला है। देवरिया के सलेमपुर और भाटपाररानी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए 305 करोड़ रुपये लागत की 80 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह के दौरान उन्होंने पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों का कच्चा चिट्ठा खोला। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) के निर्माण में हुए वित्तीय घालमेल का विवरण देते हुए आरोप लगाया कि यह परियोजना जनहित के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट और निजी फायदे की सुनियोजित साजिश थी।
200 करोड़ का प्रोजेक्ट 864 करोड़ में भी अधूरा: योगी का सपा पर तीखा वार
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ के जेपीएनआईसी प्रोजेक्ट का प्रारंभिक बजट मात्र 200 करोड़ रुपये तय किया गया था। सपा सरकार के दौरान इस परियोजना पर सरकारी खजाने से 864 करोड़ रुपये फूंक दिए गए, मगर इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बर्बादी किसी ‘सैफई सिंडिकेट’ के निजी धन की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के करदाताओं के पसीने की कमाई की थी। यदि मौजूदा सरकार इसे उसी ढर्रे पर आगे बढ़ाती, तो कम से कम 150 से 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता। सपा की असल योजना करीब 1000 करोड़ रुपये के सरकारी खर्च से तैयार इस आलीशान केंद्र को एक निजी कंपनी के हवाले करने की थी। इस निजी कंपनी में अखिलेश यादव, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव की सीधी भागीदारी थी, जिसका मकसद होटल, क्लब और जिम की कमाई से अपने घर भरना था।
2017 के बाद एलडीए जांच और धन की रिकवरी की कवायद
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद इस पूरे मामले को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपकर निष्पक्ष जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाई कि जनता के पैसे का दुरुपयोग रोकने के साथ-साथ जो धनराशि गलत तरीके से खर्च हुई है, उसे भी राजकोष में वापस लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस धन से युवाओं को उच्चस्तरीय रोजगार, आधुनिक फ्लाईओवर, इनोवेशन सेंटर और नए विश्वविद्यालय मिल सकते थे, उसे निजी ऐशो-आराम पर लुटाया गया। ऐसे कृत्यों के लिए सपा नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से राज्य की जनता से क्षमा मांगनी चाहिए।
सपा ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’, कानून-व्यवस्था और मीडिया पर दागे सवाल
सपा की संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई राजनीतिक दल नहीं, बल्कि परिवार द्वारा संचालित ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ है, जिसका हश्र भी जनता दल जैसा होना तय है। उन्होंने सपा शासन के दौर को अराजकता का दौर बताते हुए कहा कि तब ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का माहौल था और माफिया समानांतर सरकार चला रहे थे। मीडिया के साथ सपा प्रमुख के आचरण पर टिप्पणी करते हुए सीएम ने कहा कि दोपहर में सोकर उठने वाले नेता झुंझलाहट में पत्रकारों से दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में सच उजागर करने पर अखिलेश यादव ने एक पत्रकार के गले पर तलवार तक रख दी थी, जबकि मीडिया लोकतंत्र का मजबूत चौथा स्तंभ है।
युवाओं के लिए 1 लाख सरकारी नौकरियां और 2 करोड़ टैबलेट का संकल्प
युवाओं के भविष्य को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े रोजगार अभियान की रूपरेखा रखी। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में जल्द ही 1 लाख से अधिक नौजवानों को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जाएंगी:
- पुलिस विभाग में 36,000 भर्तियां (जिनमें 4,000 सब-इंस्पेक्टर पद शामिल)।
- होमगार्ड विभाग में 45,000 पदों पर सीधी भर्ती।
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के माध्यम से 30,000 पदों पर नियुक्ति पत्र वितरण।
- प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया, जिसके तहत यूपीटीईटी पास 13 लाख अभ्यर्थियों के लिए अधियाचन प्रक्रियाधीन है।
इसके अतिरिक्त, उच्च शिक्षा के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों सहित कुल 2 करोड़ छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट देने का लक्ष्य है, जिसमें से 50 लाख वितरित हो चुके हैं और 25 लाख के नए ऑर्डर दिए जा चुके हैं। न्याय पंचायत स्तर पर डिजिटल उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
60 पार माताओं को मुफ्त बस सफर, इंसेफेलाइटिस का हुआ समूल नाश
जनकल्याणकारी योजनाओं का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में महिलाओं को तीन दिवसीय मुफ्त बस यात्रा की सुविधा दी गई और अब 60 वर्ष से अधिक उम्र की माताओं के लिए रोडवेज बसों में स्थायी रूप से निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था लागू की जा रही है। 16 करोड़ जरूरतमंदों को पारदर्शी राशन वितरण का लाभ मिल रहा है। पूर्वांचल के दर्द को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 40 वर्षों में इंसेफेलाइटिस से 50 हजार मासूमों की मौत हुई, मगर पिछली सरकारों ने सुध नहीं ली। डबल इंजन सरकार ने इस जानलेवा बीमारी को जड़ से खत्म कर दिया। अब देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। माफिया तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है और राज्य विकास व सुरक्षा के नए आयाम स्थापित कर रहा है।





















































