उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य की वरिष्ठ महिला नागरिकों को बड़ा तोहफा देते हुए ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का आगाज कर दिया है। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला और स्पष्ट संदेश दिया कि आज के नए उत्तर प्रदेश में अगर किसी ने भी बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने की हिमाकत की, तो उसका ठिकाना सीधे जेल या जहन्नुम होगा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कानून-व्यवस्था की बदहाली के चलते एक नारा गूंजता था—’देख सपाई बिटिया घबराई’, लेकिन मौजूदा सरकार ने व्यवस्था और आधुनिक तकनीक के समन्वय से महिलाओं के लिए निर्भीक माहौल तैयार किया है।
सपा सरकार पर तीखा वार: माफिया राज बनाम कानून का राज
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं थी। उस समय नकल, जमीन, बालू और पशु माफियाओं का समानांतर तंत्र हावी था। सरकारी सहायता बिचौलियों की भेंट चढ़ जाती थी और बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन के नाम पर मिलने वाली महज 300 रुपये की राशि में भी भारी भ्रष्टाचार होता था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। पात्र महिलाओं को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खातों में भेजी जा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि किसी ने लाभार्थियों के हक के पैसे में हेराफेरी करने की कोशिश की, तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा तंत्र का विस्तार: AI, सेफ सिटी और 50 हजार महिला पुलिसकर्मी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का विवरण देते हुए सीएम योगी ने कहा कि राज्य का लक्ष्य ऐसा सुरक्षित वातावरण बनाना है, जहां बेटियां बेखौफ होकर शिक्षा ग्रहण करें, व्यापार चलाएं, नौकरी करें और देर रात भी पूर्ण सुरक्षा के साथ अपने घर लौट सकें। सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, 1090 वूमेन पावर लाइन, 112 आपात सेवा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘सेफ सिटी’ का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में राज्य में महिला पुलिसकर्मियों की कुल संख्या केवल 10 हजार के करीब थी, जो आज बढ़कर लगभग 45 हजार तक पहुंच चुकी है। आगामी भर्ती प्रक्रिया संपन्न होते ही उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 50 हजार से अधिक महिला सुरक्षाकर्मी तैनात होंगी।
जन्म से लेकर विवाह तक: आर्थिक और सामाजिक संबल
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार की नीतियों के केंद्र में ‘आधी आबादी’ है। बेटी के जन्म पर पहले परिवार आर्थिक चिंताओं से घिर जाते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बालिका के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक चरणबद्ध आर्थिक मदद दी जा रही है। सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में संबल बन रही है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने महिलाओं को धुएं और स्वास्थ्य संबंधी खतरों से मुक्ति दिलाई है, जबकि हर घर नल से जल, इज्जत घर (शौचालय) और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों ने महिलाओं को गरिमा, स्वास्थ्य और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अधिकार दिया है।
लोकमाता अहिल्याबाई योजना: 60+ उम्र की महिलाओं को मिला मुफ्त सफर का अधिकार
परिवहन निगम की इस नई योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को राज्य भर में रोडवेज बसों में आजीवन निशुल्क सफर की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए परिवहन निगम पात्र महिलाओं को विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराएगा। आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना करीब 88,438 वरिष्ठ महिला यात्रियों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान है, जिससे सरकारी खजाने पर प्रतिमाह लगभग 22.55 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की सभी बहनें-बेटियां एक सहयात्री के साथ बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। इसके बाद बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह व्यवस्था स्थायी रूप से लागू रहेगी। बसों में सफर को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और पैनिक बटन जैसी आधुनिक तकनीकों को भी जोड़ा गया है।




















































