उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और स्थानीय फरह थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी करते हुए करीब सवा करोड़ रुपये मूल्य का 251 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। तस्कर इस भारी खेप को ओडिशा से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ पहुंचाने की फिराक में थे। पुलिस ने मौके से पांच अंतरराज्यीय तस्करों को हिरासत में ले लिया है, जबकि गिरोह का मुख्य सूत्रधार चकमा देकर मौके से भागने में सफल रहा।
सटीक सूचना पर हाईवे पर बिछाया गया जाल
एएनटीएफ आगरा इकाई के पुलिस उपाधीक्षक उमेश पवार ने मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि रविवार को सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इनपुट के अनुसार, ओडिशा से एक बड़े ट्रक में नशीले पदार्थों की खेप लादकर अलीगढ़ की ओर रवाना की गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एएनटीएफ और फरह पुलिस ने तुरंत एक संयुक्त अभियान की योजना बनाई। ग्वालियर राजमार्ग की तरफ से आ रहे संदिग्ध ट्रक को आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोक लिया गया और सघन जांच शुरू की गई।
जैविक खाद के कट्टों के बीच छिपाई गई थी खेप
तलाशी के दौरान जांच टीम ने देखा कि वाहन में ऊपर से जैविक खाद की बोरियां भरी गई थीं, ताकि किसी भी जांच नाके पर शक न हो। हालांकि, जब खाद के कट्टों को गहराई से खंगाला गया, तो उनके नीचे योजनाबद्ध तरीके से छिपाकर रखा गया 251 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग सवा करोड़ रुपये आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ है कि इस माल की आपूर्ति मथुरा और अलीगढ़ के विभिन्न इलाकों में की जानी थी।
रेकी कर रही कार पकड़ी गई, मास्टरमाइंड बाइक से हुआ फरार
पुलिस टीम ने ट्रक चालक और क्लीनर के अलावा उस कार को भी पकड़ लिया, जो सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रक के आगे-आगे रेकी कर रही थी। कार में सवार तीन लोगों सहित कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। रिफाइनरी क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक प्रवीण कुमार तिवारी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का सरगना मुकुल बाइक पर ट्रक के पीछे चल रहा था। हाईवे पर पुलिस की घेराबंदी और चेकिंग को देखते ही वह मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
ओडिशा और अलीगढ़ के निवासी हैं गिरफ्तार अभियुक्त
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान ओडिशा के मलकानगिरि जिले के निवासी जयंती (ट्रक चालक) और विद्युत (क्लीनर) के रूप में हुई है। वहीं, रेकी में शामिल अन्य तीन आरोपी हरविंदर, अभिजीत और ललित उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और फरार मास्टरमाइंड मुकुल की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।




















































