उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया के माध्यम से विपक्षी दलों—समाजवादी पार्टी और कांग्रेस—पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के आंतरिक कामकाज में राज्य सरकार का कोई भी सीधा हस्तक्षेप नहीं है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट में किसी भी साधु-संत या प्रतिष्ठित संत समाज की संलिप्तता का दूर-दूर तक कोई प्रमाण नहीं मिला है।
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक स्वार्थ और संकीर्ण फायदों के लिए झूठे और मनगढ़ंत तथ्य परोस रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के साथ-साथ महान सनातन परंपरा को बदनाम करना है।
ट्रस्ट का गठन और सरकार की स्थिति स्पष्ट
मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन राज्य या केंद्र सरकार द्वारा नहीं किया गया था, बल्कि यह सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक और स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में वजूद में आया था। इसके बावजूद, विपक्षी दल जानबूझकर सरकार को इस पूरे विवाद में घसीटने का घिनौना प्रयास कर रहे हैं।
चढ़ावा चोरी की अप्रिय घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सतर्क हो गई थी। मामले की तह तक जाने और दूध का दूध, पानी का पानी करने के लिए फौरन एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एसआईटी और पुलिस बल ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य पुख्ता प्रमाणों के आधार पर जिन लोगों की संदिग्ध या आपराधिक भूमिका उजागर हुई है, उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। पूरी कार्रवाई पूरी तरह से निष्पक्ष और माननीय न्यायालय के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर संचालित हो रही है।
साधु-संतों को बदनाम करने की हो रही साजिश
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में उन ताकतों की निंदा की जो इस मामले की आड़ में पूरे संत समाज को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और सुचारू संचालन के लिए 1100 से अधिक लोग विभिन्न दायित्वों और पदों पर कार्यरत हैं।
जांच के दौरान इनमें से कुछ विशिष्ट व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं, जिन पर कानून अपना काम कर रहा है। लेकिन चंद लोगों के कृत्यों के आधार पर संपूर्ण मंदिर प्रशासन, सम्मानित साधु-संतों और निष्ठावान कर्मचारियों पर कीचड़ उछालना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है। सरकार इस तरह के दुष्प्रचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
विपक्ष की दोहरी नीति और सनातन विरोध
सपा और कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र पर सवाल उठाते हुए सीएम योगी ने कहा कि इन दलों का रवैया हमेशा से ही राम मंदिर और सनातन संस्कृति के प्रति असहयोगात्मक और विरोधी रहा है। जिन राजनीतिक दलों ने अपने इतिहास में राम जन्मभूमि आंदोलन का मुखर विरोध किया था, आज वे जनता के बीच आकर आस्था की राजनीति करने का ढोंग कर रहे हैं।
उन्होंने तीखा स्मरण कराते हुए कहा कि गत वर्ष 22 जनवरी 2024 को जब अयोध्या में भगवान रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा का एतिहासिक अनुष्ठान हुआ था, तब इन विपक्षी नेताओं को ससम्मान आमंत्रित किया गया था। परंतु, अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते उन्होंने इस पावन समारोह में शामिल होना मुनासिब नहीं समझा था। आज वही लोग आस्था के नाम पर কুমड़े की राजनीति कर रहे हैं।
संवैधानिक संस्थाओं और मर्यादाओं पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर विपक्षी आचरण पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन की उच्च गरिमा, नियमों और परंपराओं को ताक पर रख रहा है। विधानसभा के अंदर अध्यक्ष की पीठ के प्रति जिस प्रकार का अपमानजनक व्यवहार किया गया तथा सुरक्षा में तैनात मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की की गई, वह पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल विधानसभा ही नहीं, बल्कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ता। उनका एकमात्र लक्ष्य तथ्यों से कोसों दूर रहकर केवल भ्रमजाल फैलाना और प्रदेश का सुदृढ़ राजनीतिक माहौल बिगाड़ना है।
यूपी की प्रगति से बौखलाया विपक्ष
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से उभरते हुए अग्रणी राज्यों में शुमार हो चुका है। प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश आ रहा है, युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं, और धार्मिक पर्यटन का अभूतपूर्व विकास हुआ है।
राज्य की इस सकारात्मक और बदलती हुई छवि को देखकर विपक्षी दल बौखला गए हैं और वे साजिश के तहत यूपी की प्रगति को धूमिल करना चाहते हैं। अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून के शासन को बनाए रखने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और इस राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में संलिप्त हर एक दोषी को कठोरतम कानूनी सजा भुगतनी होगी।



















































