ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में सोमवार देर रात हुए भीषण हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। हादसे में दो अग्निशमन कर्मियों की दुखद मौत और कई के गंभीर रूप से घायल होने के बाद मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह स्वयं निजी अस्पताल पहुंचीं। वहां उन्होंने उपचाराधीन जांबाज फायर कर्मियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। पुलिस आयुक्त ने परिजनों को आश्वस्त किया कि दुख की इस घड़ी में पूरा प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव चिकित्सीय एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी एफआईआर
अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि घटना के पूरे घटनाक्रम का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय विभागीय जांच बैठा दी गई है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जांच में कंपनी प्रबंधन की ओर से अग्निशमन व सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
इमारत की मजबूती पर पीडब्ल्यूडी से मांगी जाएगी रिपोर्ट
अग्निकांड के दौरान भवन की संरचना ढहने के कारणों की पड़ताल के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने जानकारी दी कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट इस बाबत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को औपचारिक पत्र भेजने जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के विशेषज्ञ भवन की ढांचागत स्थिति और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण करेंगे, ताकि यह पूरी तरह साफ हो सके कि कंपनी की इमारत निर्धारित सुरक्षा और निर्माण मानकों के अनुसार बनी थी या नहीं।
देर रात तीन बजे भड़की थी भीषण आग
उल्लेखनीय है कि ईकोटेक-3 स्थित एलजीआईएम कंपनी में सोमवार रात करीब तीन बजे अचानक आग की लपटें उठने लगी थीं। इस इकाई में मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक पीसीबी चिप्स का निर्माण कार्य किया जाता है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां और स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। दमकलकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बिना गवाएं राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया और आग पर काबू पाने की मशक्कत में जुट गए।
राहत कार्य के दौरान हुआ बड़ा हादसा
आग बुझाने के अभियान के दौरान ही अचानक कंपनी भवन की एक साइड की दीवार और लोहे का भारी-भरकम बीम भरभराकर नीचे आ गिरा। इस अप्रत्याशित हादसे में वहां तैनात पांच दमकलकर्मी मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों में मुख्य आरक्षी चालक राजपाल सिंह, फायरमैन मनीष कुमार, मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह, फायरमैन अमित कुमार और फायरमैन रोहित यादव शामिल थे। सभी को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान फायरमैन रोहित यादव और मुख्य आरक्षी चालक तीरथपाल सिंह ने अंतिम सांस ली। दो जांबाज कर्मियों की शहादत से पुलिस महकमे और फायर सर्विस में गहरा शोक व्याप्त है।
परिसर सील, फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूरी कंपनी परिसर को सील कर दिया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। फोरेंसिक टीम आग शुरू होने के मूल कारणों और इमारत के ढहने के कारणों के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस कमिश्नर ने दोहराया कि शुरुआती पड़ताल के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।



















































