श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों में शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सड़कों पर शिवभक्तों की बढ़ती भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और सुगम यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मेरठ और गाजियाबाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों जिलों में नर्सरी से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक, सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी 12 अगस्त तक बंद रखने का आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। प्रशासन के इस निर्णय से लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और सड़कों पर लगने वाले संभावित ट्रैफिक जाम से भी बचाव होगा।
सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के तहत लिया गया निर्णय
मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वी. के. सिंह द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, कांवड़ियों के भारी आवागमन को देखते हुए सोमवार से ही अवकाश प्रभावी कर दिया गया है। श्रावण शिवरात्रि पर्व के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु दिल्ली-एनसीआर और मेरठ-गाजियाबाद मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को आवाजाही में होने वाली परेशानियों से बचाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बंदी सभी प्रकार के सरकारी और गैर-सरकारी बोर्ड से संबद्ध संस्थानों पर लागू होगी।
प्राइमरी से लेकर डिग्री कॉलेज और टेक्निकल इंस्टीट्यूट तक पर लागू होगा आदेश
मेरठ और गाजियाबाद प्रशासन की ओर से जारी अलग-अलग आदेशों में कहा गया है कि अवकाश का दायरा व्यापक रहेगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित संस्थान 12 अगस्त तक पूरी तरह बंद रहेंगे:
- प्राइमरी व सेकेंडरी स्कूल: नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय।
- विभिन्न बोर्ड: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, यूपी बोर्ड, सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त समस्त संस्थान।
- उच्च व तकनीकी शिक्षा: सभी सरकारी व प्राइवेट डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालय (Universities) और तकनीकी संस्थान (Technical Institutes)।
गाजियाबाद में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए 4 अगस्त से 12 अगस्त तक जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया है।
पूर्व निर्धारित परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा बंदी का असर
छुट्टी के इस आदेश के बीच छात्र-छात्राओं के मन में सबसे बड़ा सवाल परीक्षाओं को लेकर उठ रहा था। दोनों जिलों के जिलाधिकारियों ने स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है कि संस्थानों में पहले से तय समय-सारणी के अनुसार आयोजित होने वाली परीक्षाओं पर यह छुट्टी लागू नहीं होगी।
प्रशासनिक आदेश में विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि किसी भी कोर्स, बोर्ड या यूनिवर्सिटी की जो परीक्षाएं पहले से घोषित हैं, वे पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक ही संपन्न होंगी। परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक जाने की अनुमति रहेगी।
सख्त निर्देशों के साथ आदेश पालन कराने की ताकीद
मेरठ और गाजियाबाद दोनों ही जिलों के प्रशासनिक तंत्र ने सभी शिक्षा अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि इस आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षाओं से संबंधित जानकारी के लिए अपने-अपने स्कूलों व कॉलेजों के आधिकारिक संपर्क माध्यमों से जुड़े रहें।



















































