उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी से मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में मुसलाधार बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने आने वाले 72 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रदेश भर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का सिलसिला जारी रहेगा। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
जानिए कब और कहां होगी सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों और पश्चिमी यूपी के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने के आसार हैं। आगामी 5 और 6 अगस्त को बारिश का यह दायरा और विस्तृत होगा, जिससे राज्य के दोनों हिस्सों में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, 7 अगस्त से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने का अनुमान जताया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 4 अगस्त के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर बिजली गिरने और भारी बारिश तथा पूर्वी यूपी में वज्रपात के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। 5 अगस्त को प्रदेश के दोनों संभागों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 6 अगस्त को पश्चिमी यूपी में अति भारी और पूर्वी यूपी में भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है।
बीते 24 घंटों में इन जिलों में दर्ज हुई सबसे ज्यादा बरसात
राज्य में बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा वर्षा कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 125 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा अन्य प्रमुख शहरों के बारिश के आंकड़े निम्न प्रकार दर्ज किए गए:
- छिबरामऊ (कन्नौज): 125 मिमी
- नानपारा (बहराइच): 104 मिमी
- इटावा (चकरनगर): 100 मिमी
- अयोध्या: 94.8 मिमी
- शारदानगर (लखीमपुर खीरी): 81.6 मिमी
- कानपुर नगर: 75 मिमी
- हैदरगढ़ (बाराबंकी): 70 मिमी
- जौनपुर: 68.6 मिमी
- लखनऊ: 66.6 मिमी
- शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) व करहल (मैनपुरी): 60-60 मिमी
- आगरा: 55.6 मिमी
दैनिक वर्षा में भारी उछाल, पर संचयी बारिश अब भी सामान्य से कम
भले ही दैनिक आधार पर कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश देखने को मिल रही हो, लेकिन सीजन की कुल यानी संचयी वर्षा का आंकड़ा अब भी औसत से पीछे चल रहा है। 1 जून से लेकर 4 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में अब तक 281.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य औसत 387.7 मिमी की तुलना में 27 प्रतिशत कम है।
क्षेत्रवार देखें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में 280.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य (415.6 मिमी) से 32 फीसदी कम है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 282.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो औसत (348.6 मिमी) से 19 प्रतिशत कम है।
इन जिलों में औसतन 1000% तक ज्यादा बरसे बादल
भले ही संचयी आंकड़ा कम हो, लेकिन दैनिक बारिश के मामले में कुछ जिलों ने आंकड़ों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कन्नौज में 24 घंटे के भीतर सामान्य से 1077 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रायबरेली में 420 प्रतिशत, खीरी में 375 प्रतिशत, लखनऊ में 343 प्रतिशत, इटावा में 325 प्रतिशत, कानपुर नगर में 321 प्रतिशत, बहराइच में 319 प्रतिशत, महोबा में 312 प्रतिशत, बाराबंकी में 305 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 297 प्रतिशत और मथुरा में 130 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज हुई है।
प्रशासन की अपील: सुरक्षित स्थानों पर रहें, बरते सावधानी
मौसम के कड़े तेवरों को देखते हुए मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन ने आम जनमानस के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि वे बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या धातु के खंभों के पास शरण न लें। जलभराव वाली सड़कों और निचले इलाकों में आवाजाही के दौरान विशेष सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने का सुझाव दिया गया है।



















































