उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में एक ऐसा अनूठा और नाटकीय मामला सामने आया है, जो किसी फिल्मी कहानी के प्लॉट से कम नजर नहीं आता। जिस घटना की शुरुआत आधी रात को ‘चोर-चोर’ के भारी शोर-शराबे और दहशत के साथ हुई थी, उसका सुखद अंत दोनों परिवारों की रजामंदी और शादी के फैसले के साथ हुआ। जिस युवक को रात के अंधेरे में पूरा गांव संदिग्ध चोर मानकर खदेड़ रहा था, सुबह होते-होते वही युवक उसी घर का दामाद बनने की कतार में खड़ा हो गया। इस अजीबोगरीब वाकये की चर्चा अब पूरे इलाके में जोरों पर है।
रात 11 बजे कमरे से आई आहट तो मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना बीते रविवार देर रात करीब 11 बजे की है। गांव की महिला प्रधान जब अपने घर में मौजूद थीं, तो उन्हें अचानक एक बंद कमरे के भीतर से कुछ संदिग्ध आहटें और आवाजें सुनाई दीं। देर रात घर के भीतर अज्ञात हलचल देखकर उन्हें आशंका हुई कि कोई शातिर चोर चोरी की नियत से दाखिल हो गया है।
महिला प्रधान ने बिना कोई जल्दबाजी या जोखिम उठाए बड़ी ही होशियारी से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और कुंडी चढ़ा दी। इसके तुरंत बाद उन्होंने पड़ोसियों को आवाज दी और ‘चोर-चोर’ का शोर मचाना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का जमावड़ा और पुलिस की एंट्री
महिला प्रधान की चीख-पुकार सुनते ही गांव के दर्जनों लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर एकत्र हो गए। पूरे घर को चारों तरफ से घेर लिया गया और मामले की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही श्यामदेउरवा थाना पुलिस की टीम भी बिना वक्त गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गई।
जब पुलिस अधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में कमरे की बाहर से चढ़ाई गई कुंडी खोली गई, तो अंदर एक सहमा और घबराया हुआ युवक खड़ा मिला। पुलिस ने जब युवक को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो जो सच निकलकर सामने आया उसने वहां मौजूद हर शख्स को हैरत में डाल दिया।
बीमार प्रेमिका को दवा देने पहुंचा था प्रेमी
पुलिसिया पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि यह मामला किसी चोरी या आपराधिक साजिश का नहीं, बल्कि दो दिलों के बीच पनप रहे प्रेम प्रसंग का था। पकड़ा गया युवक पड़ोसी जिले कुशीनगर का रहने वाला है। उसकी सगी बहन की शादी इसी गांव में हुई है, जिसके कारण उसका इस गांव में अक्सर आना-जाना लगा रहता था।
इसी आवाजाही के दौरान उसका झुकाव ग्राम प्रधान की भतीजी की तरफ हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। रविवार की रात जब युवक को यह खबर मिली कि उसकी प्रेमिका को तेज बुखार है और उसकी तबीयत खराब है, तो वह उससे मिलने और दवा देने के लिए चुपके से उसके घर पहुंच गया। लेकिन घर के सदस्यों को पैरों की आहट मिल गई और उन्होंने उसे चोर समझकर कमरे में कैद कर दिया।
थाने में हुई पंचायत और खुशी-खुशी तय हुआ रिश्ता
घटना के अगले दिन यानी सोमवार को श्यामदेउरवा थाने में दोनों पक्षों के गणमान्य लोगों और परिजनों को बुलाया गया। पुलिस स्टेशन में ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। जांच में यह पाया गया कि युवक और युवती दोनों कानूनी रूप से बालिग हैं और काफी समय से एक-दूसरे से विवाह करना चाहते हैं।
मामले की संवेदनशीलता और दोनों की मर्जी को देखते हुए परिजनों ने भी समझदारी का परिचय दिया और शादी के प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार कर लिया। श्यामदेउरवा के थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से लिखित समझौता कर लिया है। किसी भी पक्ष की ओर से कोई कानूनी शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। रात में जो मामला पुलिस और कचहरी तक पहुंचता दिख रहा था, उसका समापन शहनाई की गूंज की तैयारी के साथ हुआ।



















































