उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में सोमवार देर रात एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है, जहां जीयनपुर थाना क्षेत्र में डीजल से भरा एक अनियंत्रित टैंकर आग का गोला बन गया। इस भीषण अग्निकांड में तीन लोगों की मौके पर ही झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना विकराल था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और शवों के अवशेषों को निकालने के लिए प्रशासन को आयरन कटर का सहारा लेना पड़ा। इस दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मिर्जापुर हाइडिल परिसर को भारी नुकसान पहुंचने के कारण आसपास के इलाकों में रातभर बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप रही।
टायर फटने से अनियंत्रित हुआ टैंकर, हाइडिल में मची तबाही
स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सोमवार रात लगभग 11 बजे घटित हुआ। एक तेज रफ्तार डीजल टैंकर जीयनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिर्जापुर हाइडिल के समीप से गुजर रहा था। इसी दौरान अचानक टैंकर का टायर जोरदार धमाके के साथ फट गया।
टायर फटने के कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा और बेकाबू टैंकर सीधे हाइडिल परिसर की बाउंड्री को तोड़ते हुए भीतर जा घुसा। आशंका जताई जा रही है कि हाइडिल के हाईटेंशन तारों और विद्युत उपकरणों के संपर्क में आने से हुए शॉर्ट सर्किट के कारण टैंकर में क्षण भर में भीषण आग लग गई।
आग की लपटों में घिरे लोग, रातभर ठप रही बिजली व्यवस्था
टैंकर में भारी मात्रा में डीजल मौजूद होने के कारण आग ने देखते ही देखते बेहद विकराल रूप धारण कर लिया। वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने या जान बचाने का जरा सा भी मौका नहीं मिल सका। आग की गगनचुंबी लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के ग्रामीण दहल गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की चपेट में आने से हाइडिल का आंतरिक बिजली ढांचा बुरी तरह प्रभावित हो गया, जिसके चलते पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति रातभर ठप रही। स्थानीय लोगों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।
आयरन कटर से काटकर चला रेस्क्यू अभियान, दो शवों की पहचान
घटना की जानकारी मिलते ही जीयनपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और कड़ी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक टैंकर जलकर राख हो चुका था और उसमें रखे सारे कागजात भी नष्ट हो गए।
टैंकर इस कदर क्षतिग्रस्त होकर पलट चुका था कि अंदर फंसे शवों को निकालने के लिए पुलिस को लोहा काटने वाले आयरन कटर मंगाने पड़े। घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टैंकर की बॉडी को काटकर तीनों शवों के अवशेषों को बाहर निकाला गया और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि मृतकों में से दो की पहचान कर ली गई है। इनमें से एक मेहनगर थाना क्षेत्र का निवासी प्रदीप कुमार और दूसरा महाराजगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला पृथ्वीराज है। तीसरे मृतक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है, जिसकी पहचान स्थापित करने के लिए पुलिस आसपास के थानों से संपर्क साध रही है।
पुलिस ने शुरू की व्यापक जांच
पुलिस प्रशासन ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से मुआयना कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जीयनपुर थाना पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि घटना के वक्त टैंकर में कुल कितने लोग सवार थे और आग लगने की असल परिस्थितियां क्या थीं। फिलहाल दो परिवारों में मातम पसरा हुआ है, जबकि अज्ञात शव की पहचान के प्रयास लगातार जारी हैं।



















































