उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बाराबंकी जनपद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश की राजनीति और सांस्कृतिक धरोहर के मुद्दों पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्र की मूल पहचान और उसका भविष्य केवल सनातन संस्कृति की सुदृढ़ नींव पर ही टिका हुआ है। सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि सनातन संस्कृति पर संकट आता है, तो देश की सुरक्षा और संप्रभुता भी खतरे में पड़ जाएगी।
यह पूरा कार्यक्रम बाराबंकी में आयोजित किया गया था, जहां मुख्यमंत्री ने लगभग 542 करोड़ रुपए की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने ऐतिहासिक लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर के निर्माण हेतु आधिकारिक तौर पर धनराशि स्वीकृत किए जाने का ऐलान किया, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नए पंख लगेंगे।
उपेक्षा का शिकार बनीं ऐतिहासिक धरोहरें और लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाराबंकी की समृद्ध पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह भूमि भगवान लोधेश्वर महादेव, चमत्कारी पारिजात वृक्ष और भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह बाबू जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रही है। हालांकि, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात दशकों तक इन ऐतिहासिक धरोहरों की जानबूझकर उपेक्षा की जाती रही।
मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि आजादी का प्रकाश और विकास की किरणें लंबे समय तक लोधेश्वर महादेव मंदिर तक नहीं पहुंच पाईं, जबकि उस दौर में राजनीतिक तुष्टिकरण के तहत कब्रिस्तानों की घेराबंदी और बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए सरकारी खजाने के दरवाजे खुले रहते थे। अब वर्तमान सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अत्याधुनिक और सुगम सुविधाएं मिल सकेंगी।
महापुरुषों का सम्मान और केडी सिंह बाबू की विरासत का संरक्षण
सीएम योगी ने भारतीय इतिहास के उन अमर नायकों को भी याद किया जिन्होंने देश की संस्कृति और अस्मिता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राजा बलभद्र सिंह, महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महान योद्धा महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और सिखों के गुरु गोबिंद सिंह के शौर्य का स्मरण करते हुए कहा कि इन महापुरुषों की विरासत को सहेजना और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना सरकार का सबसे बड़ा दायित्व है।
इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय हॉकी के दिग्गज और पूर्व ओलंपियन केडी सिंह बाबू का विशेष रूप से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली समाजवादी पार्टी के शासनकाल में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी थी कि केडी सिंह बाबू की ऐतिहासिक हवेली तक बिकने के कगार पर पहुंच गई थी। वर्तमान सरकार ने न केवल हस्तक्षेप कर उस हवेली को नीलाम होने से बचाया, बल्कि उसका पूरा भुगतान कराकर केडी सिंह बाबू की अनमोल स्मृतियों को स्थाई रूप से संरक्षित करने का सराहनीय कार्य किया है। इसके अलावा, पारिजात वृक्ष का संरक्षण भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
तुष्टिकरण की राजनीति और पर्व-त्योहारों पर प्रतिबंध की पुरानी मानसिकता
विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा सरकारों के कार्यकाल में सरकारी धन का इस्तेमाल सांस्कृतिक पुनरुत्थान के बजाय सिर्फ और सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के लिए किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम, महादेवा, गोला गोकर्णनाथ, महाराजा सुहेलदेव और बिजली पासी जैसे तमाम पावन एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए बजट का भारी टोटा रहता था।
योगी आदित्यनाथ ने पुरानी सरकारों की कार्यशैली को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उस दौर में कांवड़ यात्रा पर रोक लगाना, पवित्र रामनवमी की शोभायात्राओं को प्रतिबंधित करना और जन्माष्टमी तथा दुर्गा पूजा जैसे सनातन पर्वों पर पाबंदियां लगाना ही तथाकथित धर्मनिरपेक्षता का पैमाना मान लिया गया था। इसके विपरीत, उनकी सरकार ने इस दमनकारी सोच को जड़ से उखाड़ फेंकते हुए सभी पर्वों और त्योहारों को पूर्ण सुरक्षा, सम्मान और भव्यता के साथ संपन्न कराने की संस्कृति को स्थापित किया है।
कानून-व्यवस्था का कायाकल्प और आत्मनिर्भर होती रक्षा उत्पादन प्रणाली
प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश की पहचान अवैध हथियारों के कारखानों, माफियाओं द्वारा व्यापारियों से जबरन रंगदारी वसूलने और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों से जुड़ी थी। आज वही उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित और कानून-व्यवस्था के मामले में नजीर पेश करने वाले राज्यों में शुमार हो चुका है।
उन्होंने गर्व के साथ बताया कि आज उत्तर प्रदेश केवल अपराध मुक्त ही नहीं हुआ, बल्कि देश की सैन्य शक्ति को भी मजबूत कर रहा है। राजधानी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का सफल निर्माण किया जा रहा है, जिससे भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। प्रदेश सरकार अब विकास, विरासत, सुरक्षा और सुशासन के चार मजबूत स्तंभों पर खड़े होकर उत्तर प्रदेश को भारत की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।
















































