उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद में बुधवार की सुबह एक औद्योगिक क्षेत्र स्थित निजी कारखाने में अचानक आग भड़क जाने से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। प्राप्त विवरण के अनुसार, लोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में यह घटना सामने आई, जहां एक फैब्रिकेशन इकाई को अपनी चपेट में लेते हुए लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले और अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। गनीमत यह रही कि इस भयंकर अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
सुबह साढ़े नौ बजे के करीब मिला हादसे का संदेश
घटना की समयानुसार जानकारी देते हुए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को पूर्वाह्न लगभग 9 बजकर 15 मिनट पर लोनी स्थित ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन के आधिकारिक नियंत्रण कक्ष में आग लगने की आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए त्वरित कार्रवाई की और ट्रॉनिका सिटी फायर स्टेशन से तुरंत तीन फायर टेंडर तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन इकाइयों को घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर यह दुर्घटना घटी, वह संबंधित फायर स्टेशन से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इस पूरे घटनाक्रम की तुरंत जानकारी गाजियाबाद कमिश्नरेट के मुख्य अग्निशमन अधिकारी को भी प्रदान की गई।
कई जनपदों और स्टेशनों से मंगाये गए अतिरिक्त संसाधन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी से प्राप्त विशेष दिशा-निर्देशों के तहत आग पर जल्द से जल्द नियंत्रण पाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। इसके तहत वैशाली फायर स्टेशन से एक उच्च क्षमता वाले वाटर बाउजर को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त, सीमावर्ती जनपद बागपत के अंतर्गत आने वाले खेकड़ा फायर स्टेशन से भी एक अतिरिक्त फायर टेंडर की सहायता मंगाई गई, ताकि आग के विकराल रूप धारण करने से पहले ही उसे पूरी तरह घेरकर बुझाया जा सके। अलग-अलग दमकल केंद्रों से आधुनिक संसाधनों के एक साथ पहुंचने से राहत कार्य को गति मिली और स्थिति को बिगड़ने से समय रहते रोक लिया गया।
दो मंजिला इमारत के भूतल पर फैली थी आग की लपटें
अग्निशमन दल जब घटनास्थल पर पहुंचा तो उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए पाया कि यह औद्योगिक इकाई लगभग 300 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में फैली एक दो मंजिला इमारत में संचालित हो रही थी। जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान आग की मुख्य लपटें भवन के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर केंद्रित थीं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि इस कारखाने के भीतर मुख्य रूप से फ्लैक्सिबल प्रिंटिंग और मेटल फैब्रिकेशन से जुड़े कार्य किए जाते थे। आग लगने के सटीक कारणों का आधिकारिक तौर पर अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, और संबंधित विभाग इसकी तकनीकी जांच में जुटा हुआ है।
महज 35 मिनट के भीतर आग पर पाया गया पूर्ण नियंत्रण
मौके पर तैनात दमकल कर्मियों ने अत्यधिक व्यावसायिक कौशल का परिचय देते हुए तत्काल प्रभाव से अपने होज पाइप फैलाए और मोटर फायर इंजन की ताकत का इस्तेमाल करते हुए पानी की तेज बौछारें शुरू कर दीं। दमकल कर्मियों की इस मुस्तैदी और साहसिक प्रयास का परिणाम यह रहा कि महज 35 मिनट के भीतर ही आग की भयंकर लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट तक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दी गई। आग बुझने के बाद दमकल दल ने एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के अंदर रखे सामान को सुरक्षित रूप से उलट-पलटकर गहन जांच की और जहां से भी हल्का धुआं उठ रहा था, वहां लगातार पानी डालकर उसे पूरी तरह ठंडा किया ताकि आग के दोबारा भड़कने की कोई भी संभावना शेष न रहे।
















































