उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे विधान परिषद (एमएलसी) के शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों ने सूबे के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक दलों के भविष्य और आगामी रणनीतियों की दिशा तय करने वाले इन चुनावों की मतगणना के शुरुआती रुझान और परिणाम बेहद रोमांचक रहे हैं। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी मजबूत पकड़ का अहसास कराते हुए कई सीटों पर भगवा परचम लहराया है, वहीं मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी कुछ सीटों पर अपनी जोरदार मौजूदगी दर्ज कराते हुए कड़ा मुकाबला खड़ा किया है। दोनों प्रमुख दलों के बीच मचे इस सियासी घमासान के बीच सूबे की निगाहें लगातार मतगणना केंद्रों पर टिकी हुई हैं।
कड़े सुरक्षा पहरे के बीच शुरू हुई थी मतगणना
प्रदेश की कुल 11 सीटों—जिनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं—के लिए गत 23 अक्टूबर को मतदान संपन्न हुआ था। इस बहुप्रतिष्ठित चुनाव में मैदान में उतरे कुल 152 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला लगभग 14.81 लाख मतदाताओं के मतपेटी में बंद वोटों के जरिए होना है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मतगणना की शुरुआत मंगलवार सुबह आठ बजे निर्धारित सात केंद्रों पर की गई थी। पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर रखने के लिए हर केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के साथ-साथ वीडियोग्राफी की पुख्ता व्यवस्था भी की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मेरठ और बरेली में भाजपा का दबदबा कायम
मतगणना के शुरुआती दौर से ही भारतीय जनता पार्टी ने बढ़त बनाते हुए अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत साबित किया है। भाजपा ने मेरठ-सहारनपुर खंड की शिक्षक और स्नातक दोनों ही सीटों पर शानदार जीत हासिल कर अपना पुराना कब्जा बरकरार रखा है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार श्रीचंद शर्मा ने 18,099 वोट प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ा, जबकि इसी खंड की स्नातक सीट पर पार्टी के दिनेश गोयल ने 24,928 वोटों का भारी-भरकम आंकड़ा छूकर जीत का परचम फहराया।
इसके साथ ही, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने भी जीत दर्ज कर पार्टी के खाते में एक और सीट जोड़ी। लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में उतरे भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी ने लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक जीत हासिल कर अपनी विजय की हैट्रिक पूरी की। अपनी इस जीत के बाद श्री द्विवेदी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देवबुल्य मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि शिक्षकों ने सरकार की नीतियों पर मुहर लगाई है।
वाराणसी में सपा का कब्जा, अखिलेश यादव के नेतृत्व पर जताया भरोसा
एक तरफ जहां भाजपा ने कई सीटों पर विजय हासिल की, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने भी वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज कर बड़ा उलटफेर किया। सपा उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने इस सीट पर कब्जा जमाया। जीत के बाद उत्साह से लबरेज नजर आए लाल बिहारी यादव ने दावा किया कि भाजपा के दोनों सीटें जीतने के सभी दावे धरे के धरे रह गए हैं। उन्होंने इस जीत का श्रेय सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों को देते हुए कहा कि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रचार के प्रभाव को दरकिनार करते हुए समाजवादी पार्टी पर अपना अटूट भरोसा जताया है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के दौरान सपा प्रत्याशी ने स्थानीय प्रशासन पर उनके समर्थकों को प्रताड़ित करने और घरों तथा स्कूलों में नजरबंद रखने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई।
मतगणना केंद्रों पर हंगामा और तीखी तकरार
चुनाव परिणामों के साथ-साथ कई काउंटिंग सेंटर्स पर गरमागरम माहौल और विवादों की खबरें भी सामने आई हैं। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मतगणना स्थल पर उनके साथ मारपीट की गई और उनका कुर्ता तक फाड़ दिया गया, जिसका ठीकरा उन्होंने भाजपा समर्थकों पर फोड़ा। इस घटना के बाद वहां तनाव का माहौल बन गया और दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
दूसरी तरफ, भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि सपा प्रत्याशी ने खुद ही अपना कुर्ता फाड़ा है और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। विरोधस्वरूप भाजपा कार्यकर्ता भी धरने पर बैठ गए। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने स्थिति को संभालते हुए बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इसी तरह, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में चल रही थी, जहां समाजवादी पार्टी ने प्रशासनिक पक्षपात और धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए मतगणना का पूर्ण बहिष्कार कर दिया।
अन्य सीटों पर कांटे की टक्कर और अंतिम नतीजों का इंतजार
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर भी भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर जारी है। इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पांचवें दौर की मतगणना पूरी होने के बाद सपा प्रत्याशी डॉ. मानसिंह यादव ने बढ़त बना ली है। लखनऊ स्नातक सीट पर भी सपा की उम्मीदवार कांति सिंह शुरुआती दौर से ही आगे चल रही हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। वहीं, वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा और भाजपा के केदार सिंह के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है, जहां प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती के बाद आज परिणाम आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। शेष बची सभी सीटों पर मतगणना की प्रक्रिया अभी भी युद्धस्तर पर जारी है, और अंतिम परिणामों के आधिकारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस दल ने इस सियासी रण में बाजी मारी है।
















































