सीएम ने खुद सुनीं फरियादियों की पीड़ा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की सुबह अपने आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया, जहां प्रदेश के विभिन्न कोनों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने स्वयं प्रत्येक व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी परेशानियों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने फरियादियों को आश्वस्त किया कि सरकार किसी भी उचित समस्या के समाधान में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी और पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हर शिकायत का समयबद्ध निस्तारण होगा: सीएम
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में आए प्रत्येक व्यक्ति के प्रार्थना पत्रों को गंभीरता से लिया और उनकी समस्याओं की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को किसी भी विषय में परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनकी सरकार हर उचित मांग पर गंभीरता से विचार करेगी और उसका प्रभावी समाधान कराएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि आज आई सभी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी सूरत में कार्रवाई में देरी न हो।
संवेदनशीलता की मिसाल, बच्चों को दुलार और चॉकलेट
इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता तब देखने को मिली जब वे अपने अभिभावकों के साथ आए छोटे-छोटे बच्चों से मिले। उन्होंने बच्चों को अपने पास बुलाकर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और उनकी रुचि व शौक के बारे में भी पूछा। बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें चॉकलेट देकर खुश किया और साथ ही आशीर्वाद भी दिया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेल, संगीत, कला, नाट्य आदि अन्य विधाओं में भी अपनी प्रतिभा को निखारें।
अपराध और जमीन कब्जे पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अपराध से संबंधित शिकायतों और जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने के मामलों को अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इन मामलों में कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले प्रार्थना पत्रों पर उन्होंने संबंधित अस्पतालों से एस्टीमेट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरतमंदों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता मिल सके।
मरीजों को राहत का भरोसा, एस्टीमेट पर मिलेगी तुरंत मदद
सीएम ने इलाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए आए लोगों को विशेष रूप से आश्वस्त किया कि जैसे ही अस्पतालों से एस्टीमेट प्राप्त होगा, सरकार तुरंत धनराशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और पात्र व्यक्तियों को समय पर आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी भी मरीज को इलाज के अभाव में परेशान नहीं होना पड़ना चाहिए और सरकार इस दिशा में हर संभव मदद करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
जनता दर्शन का संदेश: प्रशासन की जनता के प्रति प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री का यह जनता दर्शन कार्यक्रम उनकी जनोन्मुखी सोच और जनता के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस आयोजन के माध्यम से सीएम ने यह संदेश दिया कि उनकी सरकार हर नागरिक की समस्या को गंभीरता से लेती है और उसका निष्पक्ष व समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करती है। यह पहल प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां मुख्यमंत्री स्वयं जनता की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं।





















































