राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गौतम बुद्ध नगर स्थित ग्रेटर नोएडा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीटा-2 थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने बंद पड़े मकानों और सूने फ्लैटों में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले तथा अवैध रूप से गांजे की तस्करी करने वाले एक शातिर बदमाश को धर दबोचा है। आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने उसके पास से लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, अवैध मादक पदार्थ और अपराध में प्रयुक्त की जाने वाली संदिग्ध मोटरसाइकिल समेत कई अन्य सामग्रियां बरामद की हैं।
सिटी पार्क के पास चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा शातिर
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, 28 जुलाई को थाना बीटा-2 की पुलिस टीम स्थानीय क्षेत्र में अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सिटी पार्क नवादा के नजदीक पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक मोटरसाइकिल सवार को रोका और पूछताछ शुरू की।
कड़ाई से पूछताछ करने पर उसकी पहचान साहिल (पुत्र रज्जाक) के रूप में हुई, जो मूल रूप से अलीगढ़ जिले के बन्नादेवी थाना अंतर्गत मुस्ताक नगर का रहने वाला है। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली और उसके आपराधिक तौर-तरीकों की परतें खंगालीं, तो कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
चोरी और गांजा तस्करी का अनूठा और शातिर तरीका
पुलिस की पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी साहिल केवल चोरी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह समानांतर रूप से अवैध गांजे की खरीद-फरोख्त का काला कारोबार भी चला रहा था।
- रेकी और ताले तोड़ने का अंदाज: आरोपी अपनी मोटरसाइकिल से विभिन्न रिहायशी कॉलोनियों और सोसायटियों के चक्कर काटता था और ऐसे मकानों को चिह्नित करता था जिन पर ताले लटके होते थे। इसके बाद वह प्लास और अलग-अलग प्रकार की दो दर्जन से अधिक मास्टर चाबियों की मदद से ताले तोड़कर घरों में प्रवेश करता था और कीमती जेवरात समेट लेता था।
- फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल: कानून की नजरों से बचने और अपनी पहचान छुपाने के लिए वह अपनी मोटरसाइकिल पर अक्सर फर्जी नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल किया करता था। इसी दोपहिया वाहन का उपयोग वह गांजे की डिलीवरी देने और चोरी करने दोनों के लिए करता था।
कई बड़ी वारदातों का हुआ खुलासा
पुलिस के मुताबिक, इस शातिर बदमाश ने हाल ही के महीनों में ग्रेटर नोएडा के कई पॉश इलाकों को अपना निशाना बनाया था। उसने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने गत 6 जून को ग्रेटर नोएडा के अल्फा-1 सेक्टर के बी ब्लॉक में स्थित एक बंद मकान में सेंधमारी की थी।
इसके अलावा, उसने 11 जुलाई 2026 को सिल्वर ऑक्स सोसायटी के एक सूने फ्लैट से भी भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण उड़ाए थे। इन दोनों मामलों में थाना बीटा-2 में पहले से ही गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज थे और पुलिस इनकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थी।
बरामदगी का विस्तृत विवरण और लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही और उसके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का माल व अवैध सामग्री बरामद की है। बरामद की गई वस्तुओं में शामिल हैं:
- सोने के आभूषण: तीन चेन, दो मंगलसूत्र, एक ब्रेसलेट, दो पेंडेंट, पाँच अंगूठियां और एक जोड़ी टॉप्स।
- चांदी के आभूषण: दो जोड़ी पायल।
- अन्य सामग्री: 1 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा, घटना में प्रयुक्त फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल, एक अतिरिक्त नंबर प्लेट, एक प्लास और ताले खोलने वाली लगभग दो दर्जन चाबियां।
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि साहिल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके विरुद्ध गौतमबुद्ध नगर के बीटा-2, सूरजपुर, नॉलेज पार्क थानों के साथ-साथ मुरादाबाद जनपद के कांठ थाने में भी चोरी, नकबजनी, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और कड़ियां जोड़ने का प्रयास
बीटा-2 थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात को किन लोकल सुनारों या अन्य माध्यमों से ठिकाने लगाता था। इसके साथ ही, उसके गांजा तस्करी के नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की संलिप्तता के बारे में भी गहराई से छानबीन की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस शातिर की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हाल ही में हुई अन्य कई अनसुलझी चोरियों का भी पर्दाफाश होने की पूरी संभावना है।





















































