वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रह रहा था चीनी नागरिक
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने अवैध रूप से भारत में रह रहे एक चीनी नागरिक को गिरफ्तार किया है। थाना बीटा-दो की पुलिस ने बीती रात गुप्त सूचना के आधार पर एनआरआई सिटी क्षेत्र के पास से 38 वर्षीय चीनी नागरिक सांग जियाओमी को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके बाद खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं और जासूसी की आशंका के तहत गहन पूछताछ कर रही हैं।
फर्जी आधार कार्ड से बनवाए कई महत्वपूर्ण दस्तावेज
थाना बीटा-दो के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार चीनी नागरिक मूल रूप से 26 जून 2019 से 25 जून 2020 तक की वैध वीजा अवधि के साथ भारत आया था। लेकिन वीजा समाप्त होने के बावजूद उसने भारत में ही रहने का फैसला किया और अवैध रूप से यहां डेरा डाल लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसने धोखाधड़ी का सहारा लेते हुए फर्जी आधार कार्ड बनवाया और इसके आधार पर पैन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज भी हासिल कर लिए। इस तरह उसने खुद को भारतीय नागरिकों की तरह स्थापित कर लिया और ग्रेटर नोएडा की जेपी ग्रीन सोसायटी में रहने लगा।
मणिपुर की युवती से शादी, पत्नी के नाम से चला रहा कंस्ट्रक्शन कंपनी
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर की रहने वाली एक युवती से शादी कर ली और उसका तीन वर्षीय बच्चा भी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस चीनी नागरिक ने अपनी पत्नी के नाम पर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी भी खोल रखी है और इसी के जरिए अपनी आजीविका चलाता था। शादी और कंपनी के जरिए उसने भारत में अपनी पैठ मजबूत कर ली थी और किसी को शक नहीं होता था कि वह अवैध रूप से देश में रह रहा है।
खुफिया एजेंसियां कर रही गहन पूछताछ
गिरफ्तार आरोपी की इस गतिविधि ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने बताया कि खुफिया एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी से गहन पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं वह भारत में अवैध रूप से रहकर किसी तरह की जासूसी या गतिविधि तो नहीं कर रहा था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसकी देश के भीतर और किन-किन लोगों से संपर्क थे और उसके इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा?
इस घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से कई सवाल खड़े किए हैं। एक विदेशी नागरिक का इतने लंबे समय तक अवैध रूप से भारत में रहना और वह भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपनी पहचान छिपाना, सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही कई अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके सभी संपर्कों को खंगाला जा रहा है।





















































