हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियानों के बीच राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। फरीदाबाद जिले में विजिलेंस टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के एक कार्यकारी अभियंता (XEN) को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है। सरकारी महकमों में किस तरह से फाइलों को आगे बढ़ाने और लंबित भुगतानों को जारी करने के नाम पर आम जनता व ठेकेदारों का उत्पीड़न किया जाता है, इस ताजा मामले ने एक बार फिर से इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे बिछाया गया ट्रैप?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित शिकायतकर्ता की पुख्ता शिकायत के आधार पर की गई है। आरोपी अधिकारी दीपक गर्ग, जो वर्तमान में सेक्टर-23 स्थित एचवीपीएनएल टीएस डिवीजन में कार्यकारी अभियंता (XEN) के पद पर तैनात थे, ने शिकायतकर्ता से कुछ जरूरी और लंबित पड़े बिलों का भुगतान जारी करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।
जब अधिकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और बार-बार चक्कर कटवाने लगे, तब पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) से कर दी। ब्यूरो की तकनीकी टीम ने सबसे पहले इस शिकायत की पूरी सत्यता की जाँच और सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने एक बेहद गोपनीय और फूलप्रूफ योजना तैयार की, जिसके तहत आरोपी को दबोचने के लिए जाल (ट्रैप) बिछाया गया।
रंगे हाथ धरे गए आरोपी अधिकारी, विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज
योजना के मुताबिक, जब शिकायतकर्ता तयशुदा रकम लेकर कार्यकारी अभियंता दीपक गर्ग के पास पहुँचा और उन्हें 30,000 रुपये सौंपे, तभी पहले से ही सतर्क बैठी एसवी एंड एसीबी की टीम ने मौके पर छापा मारकर एक्सईएन को रिश्वत की राशि के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विधिवत कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में फरीदाबाद स्थित एसवी एंड एसीबी थाने में भारतीय न्याय व्यवस्था के तहत एफआईआर संख्या 18 दर्ज की गई है। यह मामला 28 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा 7 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इसके साथ ही, विजिलेंस ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 105 के प्रावधानों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है।
विजिलेंस ब्यूरो की कड़ी पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई
रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद आरोपी एक्सईएन से विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या इस भ्रष्ट नेटवर्क में उनके अन्य अधीनस्थ कर्मचारी या अधिकारी भी शामिल हैं या नहीं। एजेंसी यह भी जाँच कर रही है कि इससे पहले आरोपी ने इसी तरह के अन्य मामलों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और अवैध वसूली का यह सिलसिला कब से चल रहा था। इस बड़ी कार्रवाई से बिजली निगम के भ्रष्ट तंत्र में हड़कंप मच गया है।
आम जनता से विजिलेंस की अपील: भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आएं
इस सफल ट्रैप के बाद हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्रदेश के नागरिकों के लिए एक बार फिर एक स्पष्ट संदेश जारी किया है। ब्यूरो ने कहा है कि यदि राज्य का कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी वैध कार्य को पूरा करने या सरकारी भुगतान जारी करने के एवज में रिश्वत की माँग करता है, तो जनता को डरने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है।
ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एसवी एंड एसीबी के आधिकारिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। ब्यूरो ने यह भी आश्वस्त किया है कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है, ताकि उसे किसी प्रकार के खतरे या परेशानी का सामना न करना पड़े।




















































