वाराणसी ने कसी कमर, पारंपरिक व्यवस्था के साथ अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित होंगे लाखों भक्त
वाराणसी: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। इस वर्ष लाखों भक्त बाबा का जलाभिषेक करने वाराणसी आएंगे, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इस बार सुरक्षा के लिए पारंपरिक इंतजामों के साथ-साथ अत्याधुनिक तकनीक का भी भरपूर उपयोग किया जा रहा है। जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर निगरानी का व्यापक इंतजाम किया गया है, ताकि हर श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर सके।
ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम से होगी आसमानी निगरानी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि इस बार सावन के दौरान मंदिर परिसर और पूरे शहर की सुरक्षा के लिए ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस ये सिस्टम किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत भांप लेंगे। खास बात यह है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर समेत सभी संवेदनशील स्थलों को जियो-फेंसिंग के जरिए आभासी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। अगर कोई अनधिकृत ड्रोन इस प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करेगा तो एंटी-ड्रोन सिस्टम उसे तुरंत निष्क्रिय कर देगा। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि श्रावण मास के दौरान बिना अनुमति निजी ड्रोन उड़ाना पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
टेथर्ड ड्रोन 400 मीटर ऊंचाई से करेंगे चार किलोमीटर दायरे की निगरानी
वाराणसी कमिश्नरेट के पास उपलब्ध 10 ड्रोन कांवड़ मार्ग, विश्वनाथ मंदिर परिसर, प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर लगातार नजर रखेंगे। इसके अलावा, दो खास टेथर्ड ड्रोन रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाएंगे, जो 24 घंटे लगातार लाइव फीड उपलब्ध कराएंगे। पुलिस आयुक्त के अनुसार, टेथर्ड ड्रोन करीब 400 मीटर की ऊंचाई से चार किलोमीटर के दायरे में निगरानी करने में सक्षम हैं। ये ड्रोन किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की पहचान कर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां मौके पर त्वरित कार्रवाई कर सकेंगी।
ANPR और फेस रिकग्निशन कैमरे बनेंगे आंखें
शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं, जो शहर में प्रवेश करने वाले हर वाहन की पहचान करेंगे। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर लगे फेस रिकग्निशन कैमरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान में मदद करेंगे। पुलिस ने पहले से ही अपराधियों, वांछित व्यक्तियों और संदिग्ध वाहनों का डेटा सिस्टम में फीड कर दिया है, जिससे कोई भी संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत अलर्ट जारी हो जाएगा और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
2,575 CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि शहर के 45 प्रमुख चौराहों और तिराहों पर सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की गई है। काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े 2,575 से अधिक सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे शहर की हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। इन कैमरों से शहर की सीमाओं से लेकर पूरे कांवड़ मार्ग तक की लाइव मॉनिटरिंग होगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।
मंदिर परिसर में 315 कैमरों से होगी निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी रहेगा सक्रिय
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए मंदिर के कंट्रोल रूम से 315 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए मंदिर परिसर, दर्शन कतारों और श्रद्धालुओं की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर कंट्रोल रूम से तुरंत निर्देश जारी कर भीड़ को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को यातायात और भीड़ प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रसारित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालु किसी भी तरह की असुविधा से बच सकें।
सुरक्षा के साथ दर्शन की सुगमता भी प्राथमिकता
प्रशासन की कोशिश है कि इस सावन में श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के बाबा विश्वनाथ के दर्शन कराए जाएं। इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ ही व्यवस्था को सुगम बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तकनीक के इस संगम से न सिर्फ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। वाराणसी पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।





















































