वाराणसी के चौबेपुर थाने से एक बेहद शर्मनाक और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। वर्दी की हनक दिखाते हुए एक महिला उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) ने थाने में न्याय की आस लेकर पहुंची एक फरियादी महिला को सरेआम थप्पड़ जड़ दिए। इस पूरी घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया और आरोपी दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जनसुनवाई के दौरान आपा खो बैठीं दारोगा
घटना 16 जुलाई की है, जब चौबेपुर थाने में आम दिनों की तरह जनसुनवाई चल रही थी। परानापुर गांव की रहने वाली एक पीड़िता अपने पारिवारिक भूमि विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से थाने के चक्कर काट रही थी। गुरुवार को जब वह अपनी फरियाद लेकर दोबारा थाने पहुंची, तो वहां तैनात महिला उपनिरीक्षक रोशनी सिंह ने अपना आपा खो दिया। फरियादी की बात सुनने के बजाय दारोगा ने कथित तौर पर उसके साथ अभद्रता की और उसे थप्पड़ मार दिया।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
थाने के भीतर पुलिसकर्मी द्वारा आम नागरिक के साथ की गई इस मारपीट का वीडियो किसी ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से फैल गया। वर्दी के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को देखकर जनता में आक्रोश पनप गया और पुलिस की छवि पर भी सवाल उठने लगे।
डीसीपी के निर्देश पर गिरी गाज
घटना के तूल पकड़ते ही सारनाथ के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विनय कुमार द्विवेदी ने पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस विभाग की आंतरिक जांच में प्रथम दृष्टया उपनिरीक्षक रोशनी सिंह को दोषी पाया गया। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस उपायुक्त (DCP) ने सख्त रुख अपनाते हुए महिला उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एसीपी विनय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का काम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना है, न कि उनके साथ मारपीट करना। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले हर फरियादी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना पुलिस की जिम्मेदारी है और अनुशासनहीनता के किसी भी मामले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से वाराणसी पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और विभाग अपनी कार्यप्रणाली को लेकर काफी सतर्क हो गया है।





















































