गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ की दिवंगत दलित छात्रा ललिता गौतम के शोक संतप्त परिवार से गाजियाबाद के लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह में भेंट की। इस संवेदनशील मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की, बल्कि उन्हें न्याय दिलाने का संकल्प दोहराते हुए स्पष्ट किया कि इस जघन्य मामले में कोई भी दोषी कानून की पकड़ से बाहर नहीं बचेगा।
‘दोषियों पर होगी कठोरतम कानूनी प्रहार’
मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अमले को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले में शामिल अपराधियों के विरुद्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियोजन पक्ष को निर्देशित किया है कि अदालत में इस केस को पूरी मजबूती और प्रभावी तरीके से रखा जाए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिल सके।
प्रशासनिक लापरवाही हुई तो खैर नहीं
मुख्यमंत्री ने केवल अपराधियों तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नजर बनाए रखने की चेतावनी दी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि इस मामले की विवेचना या जांच के दौरान किसी भी स्तर पर जरा भी कोताही या लापरवाही बरती गई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
परिवार के लिए बड़ा ऐलान, मिलेगी आर्थिक और आवासीय मदद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को हरसंभव संबल प्रदान करने के उद्देश्य से तत्काल सहायता का पिटारा खोल दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, मृतका के पिता और परिवार के एक अन्य पात्र सदस्य को ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के अंतर्गत पक्का मकान उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा प्राथमिकता पर
सरकार की मंशा साफ है कि पीड़ित परिवार को सरकारी तंत्र के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया है कि ‘आयुष्मान भारत योजना’, राशन कार्ड और अन्य तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ परिवार को बिना किसी देरी के प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराया जाए।
इस मुलाकात के समय समाज कल्याण मंत्री एवं मेरठ के जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। यह दौरा न केवल पीड़ित परिवार के घावों पर मरहम लगाने का प्रयास था, बल्कि प्रशासन को सतर्क रहने का एक कड़ा संदेश भी है।





















































