उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में शुक्रवार दोपहर को हुई एक भीषण मुठभेड़ ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। इटावा एसओजी (विशेष अभियान दल) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई इस मुठभेड़ में दो कुख्यात इनामी बदमाशों को मार गिराया गया है। इस खतरनाक ऑपरेशन के दौरान अपराधियों की गोलियों का शिकार दो पुलिसकर्मी भी हुए, जिनमें से एक सिपाही की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। यह एनकाउंटर शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के नीम खरिया गांव के पास अंजाम दिया गया, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी।
संबलपुर एक्सप्रेस से शुरू हुआ ‘ऑपरेशन’
मामले की शुरुआत तब हुई जब इटावा पुलिस की एसओजी और सर्विलांस टीम को पुख्ता इनपुट मिला कि तीन जुलाई को इटावा में हुई एक बड़ी लूट और झपटमारी की वारदात के मुख्य आरोपी गाजियाबाद से झारखंड जा रही संबलपुर एक्सप्रेस में सवार हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम पूरी तरह मुस्तैद हो गई। जैसे ही ट्रेन शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पर रुकी, पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को घिरता देख दोनों आरोपी ट्रेन से उतरकर झाड़ियों और खेतों के रास्ते गांव की ओर भागने लगे।
बच्चे को बनाया ढाल और मचाया उत्पात
गिरफ्तारी से बचने के लिए इन अपराधियों ने मानवता की सभी हदें पार कर दीं। भागते हुए उन्होंने एक स्कूली बच्चे को बंधक बना लिया ताकि पुलिस उन पर गोली न चला सके। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और दबाव के कारण वे बच्चे को छोड़ने पर मजबूर हो गए। इसके बाद वे एक मोटरसाइकिल छीनकर फरार होने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने उनका पीछा जारी रखा, तो बदमाशों ने सीधे पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।
इस फायरिंग में एसओजी के सिपाही डेविड चौहान के पेट में और सिपाही पुष्पेंद्र के कंधे में गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल डेविड चौहान को तत्काल प्रभाव से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया गया।
अंततः पुलिस की गोलियों का शिकार हुए अपराधी
पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई और एक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। नीम खरिया गांव के पास हुई जवाबी फायरिंग में दोनों इनामी बदमाश मारे गए। मृतकों की पहचान 25 वर्षीय सुमित और 26 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है, जिन पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे और उन पर पुलिस का इनाम भी घोषित था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आगरा जोन के एडीजी एस. के. भगत, आईजी दीपक कुमार, फिरोजाबाद के एसएसपी आदित्य लांघे और इटावा के एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव समेत आला अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि अपराधियों का यह नेटवर्क और उनकी गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है।





















































