सख्त प्रशासनिक आदेश से बदलेगी ऑनलाइन समीक्षा की तस्वीर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन समीक्षा बैठकों की प्रक्रिया को नई जवाबदेही के साथ पुनर्गठित किया है, जिससे अब कोई भी अधिकारी इन बैठकों में लापरवाही नहीं बरत सकेगा। नए निर्देशों के तहत, हर ऑनलाइन समीक्षा बैठक में मंडल स्तर के सहायक शिक्षा निदेशक और जिला स्तर के बेसिक शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इस व्यवस्था को लागू करने के पीछे सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने में तेजी लाई जाए और प्रशासनिक अनुशासन को चरम सीमा तक सुनिश्चित किया जाए।
विभागीय आदेश में क्या है खास?
बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब ऑनलाइन बैठकों में अनधिकृत प्रतिनिधित्व या बिना सूचना के अनुपस्थित रहने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। पहले कई जनपदों से इन बैठकों में अपेक्षित सहभागिता नहीं हो पाती थी, जिससे समीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होती थी। कई बार तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं बैठक में शामिल नहीं होते थे और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती थी। इस गंभीर कमी को देखते हुए अब यह अनिवार्य किया गया है कि हर बैठक में संबंधित अधिकारी खुद उपस्थित रहेंगे।
तकनीकी पहचान के लिए ई-मेल अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, सभी अधिकारियों को अपनी आधिकारिक ई-मेल आईडी के माध्यम से ही ऑनलाइन बैठकों में शामिल होना होगा। इससे प्रतिभागियों की पहचान पूरी तरह सुनिश्चित हो सकेगी और समीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी। यह कदम तकनीकी माध्यमों से प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या भ्रामक उपस्थिति की संभावना समाप्त हो जाएगी।
अपरिहार्य स्थिति में विकल्प भी निर्धारित
यदि किसी अपरिहार्य शासकीय कारणवश कोई अधिकारी ऑनलाइन बैठक में उपस्थित नहीं हो पाता है, तो वह अपने स्थान पर किसी वरिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को विधिवत अधिकृत कर बैठक में भेज सकता है। हालांकि, यह विकल्प केवल विशेष परिस्थितियों में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा और इसके लिए औपचारिक अनुमति प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी मंडल या जनपद का प्रतिनिधित्व किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो।
एक से अधिक अधिकारियों की उपस्थिति के लिए नई व्यवस्था
विभाग ने एक और महत्वपूर्ण नियम जोड़ा है कि यदि किसी जनपद या मंडल से एक से अधिक अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक होती है, तो वे सभी अधिकारी एक ही स्थान पर बैठकर एक ही अधिकृत लॉगिन आईडी के माध्यम से बैठक में शामिल होंगे। अलग-अलग डिवाइस और अलग-अलग आईडी से जुड़ने की व्यवस्था को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस कदम से तकनीकी अव्यवस्था तो दूर होगी ही, साथ ही समीक्षा बैठकें अधिक सुव्यवस्थित और केंद्रित हो सकेंगी।
प्रशासनिक सुधार से बढ़ेगी कार्य प्रणाली की गति
बेसिक शिक्षा विभाग की मान्यता है कि वरिष्ठ अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति से ऑनलाइन समीक्षा बैठकों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित होगा और शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विभिन्न योजनाओं की निगरानी तथा क्रियान्वयन में तेजी आएगी। यह कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जवाबदेह, अनुशासित और परिणामोन्मुख प्रशासन के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।





















































