श्रावण मास के पावन अवसर पर गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पूरी तरह मुस्तैद
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और संवेदनशील शहर नोएडा में पवित्र सांवत मास के दौरान आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। लाखों शिवभक्तों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस ने एक बेहद मजबूत और चाक-चौबंद कार्य योजना तैयार की है। इस धार्मिक उत्सव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के तमाम कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न महत्वपूर्ण मार्गों तथा प्रमुख शिवालयों पर ढाई हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के विभिन्न हिस्सों से हरिद्वार और अन्य पावन स्थलों से जल लेकर लौटने वाले कांवड़िए बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें और शांतिपूर्ण तरीके से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक संपन्न कर सकें।
आठ प्रमुख मार्गों पर तकनीकी निगरानी और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम का पहरा
सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि श्रावण मास के इस पावन पर्व पर एनसीआर और नोएडा के दूर-दराज इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगा जल लेने के लिए रवाना होते हैं। इस पूरी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले कुल आठ प्रमुख कांवड़ मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है।
इन सभी निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के तहत आधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों द्वारा इन तमाम रास्तों का पहले ही गहन स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। नोएडा पुलिस के एकीकृत नियंत्रण कक्ष (इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम) से विशेष रूप से नियुक्त राजपत्रित अधिकारी इन सीसीटीवी कैमरों के जरिए मिलने वाली लाइव फुटेज पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए रखेंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अंतर-विभागीय समन्वय समिति और डीजे संचालकों के लिए सख्त निर्देश
यात्रा को पूरी तरह से निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित करने के वास्ते एक विशेष अंतर-विभागीय समिति का गठन किया है। इस समिति में स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि यात्रा मार्ग पर बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
इसके साथ ही, यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए डीजे (डिस्क जॉकी) संचालकों के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने आदेश दिया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान बजाए जाने वाले संगीत और लाउडस्पीकरों की ध्वनि निर्धारित कानूनी मानकों के बिल्कुल अनुरूप होनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।





















































