उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में एक मकान के भीतर अचानक बिजली का डिजिटल स्मार्ट मीटर फटने से भीषण दुर्घटना हो गई। इस आकस्मिक हादसे में एक ही परिवार की दो महिलाएं और एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची आग और करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गईं। धमाके के बाद लगी आग से पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से सभी झुलसे हुए सदस्यों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
आवास विकास कॉलोनी में जोरदार विस्फोट के बाद लगी आग
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित आवास विकास कॉलोनी की है। यहां पानी की टंकी के निकट रहने वाले सुमित अग्रहरी के आवास पर बिजली विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापित किया गया था। अचानक दोपहर के वक्त मीटर में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके तुरंत बाद पूरे घर की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया और लपटें फैलने लगीं।
घटना के वक्त गृहस्वामी सुमित किसी आवश्यक कार्य से बाहर गए हुए थे। पड़ोसियों द्वारा फोन पर सूचना दिए जाने के बाद जब वे भागते हुए घर पहुंचे, तो अंदर चारों तरफ धुआं भरा हुआ था और परिजन चीख-पुकार मचा रहे थे।
मासूम बेटी समेत तीन लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे
इस दर्दनाक हादसे में सुमित की पत्नी प्रीति अग्रहरी, उनकी तीन वर्षीय नन्हीं बेटी राजवी तथा उनके अनुज की पत्नी कंचन आग की लपटों और धुएं से गंभीर रूप से झुलस गईं। धमाके के झटके और अफरा-तफरी के दौरान कंचन के सिर पर भी गंभीर चोट आई है।
परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, स्थिति की गंभीरता और बर्न इंजरी के उच्च स्तर को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर/निजी अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, बिजली विभाग ने दी सफाई
पीड़ित सुमित अग्रहरी ने विद्युत वितरण निगम पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि सूचना देने के डेढ़ घंटे बाद तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या तकनीकी कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
दूसरी ओर, विद्युत वितरण खंड के अधिशाषी अभियंता (एक्सियन) अश्वनी कुमार वर्मा ने विभागीय लापरवाही के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के मध्य जैसे ही घटना की जानकारी मिली, तत्काल कनिष्ठ अभियंता (जेई) और लाइनमैन की टीम को मुआयने के लिए भेज दिया गया था।
132 KV हाईटेंशन लाइन से पेड़ की टहनी छूने से हुआ हादसा
विभागीय अधिकारियों ने मामले की प्राथमिक तकनीकी पड़ताल के बाद स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना स्मार्ट मीटर की आंतरिक खराबी से नहीं हुई। अधिशाषी अभियंता के मुताबिक, पीड़ित का आवास 132 केवी की भारी हाईटेंशन पारेषण लाइन के बेहद करीब स्थित है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पास में लगे सहजन के पेड़ की कटाई की जा रही थी। उसी दौरान पेड़ की एक बड़ी टहनी 132 केवी की चालू हाई-टेंशन लाइन से स्पर्श हो गई, जिसके चलते मकान में अचानक अत्यधिक हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया और मीटर ध्वस्त होकर फट गया। बिजली विभाग ने कहा है कि पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच करवाई जा रही है।





















































