रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर राजधानी लखनऊ में सक्रिय मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने बड़ा प्रहार किया है। काकोरी क्षेत्र के हरदोईया लालनगर में स्थित ‘शिवाछी स्वीट्स’ के निर्माण स्थल पर जब प्रवर्तन दल ने औचक छापा मारा, तो वहां की भयावह और अस्वास्थ्यकर स्थिति देखकर प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। जिस स्थान पर त्योहार के लिए मिठाइयां बनाई जा रही थीं, वहां न केवल भयंकर गंदगी फैली थी, बल्कि उसी परिसर में खुली नालियों का गंदा पानी बह रहा था और कई मवेशी बंधे हुए थे। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी निर्माण इकाई को सील कर दिया है।
मवेशियों के गोबर और तैरती मक्खियों के बीच तैयार हो रही थीं मिठाइयां
छापेमारी के दौरान जांच दल ने पाया कि मिठाई बनाने वाली कड़ाहियों के ठीक बगल में भैंसें बांधी गई थीं। मवेशियों का सूखा गोबर और धूल उड़कर तैयार मिठाइयों पर सीधे गिर रही थी। निर्माण स्थल के बिल्कुल पास खुली नाली का दुर्गंधयुक्त पानी जमा था और वातावरण में हजारों मक्खियां मंडरा रही थीं।
अधिकारियों को प्लास्टिक के गंदे ड्रमों में करीब 1000 लीटर तैयार दूषित तरल घोल मिला, जिसमें मिल्क पाउडर, चीनी और पानी के मिश्रण के ऊपर दर्जनों मरी हुई मक्खियां तैरती नजर आईं। इसके अतिरिक्त, मिठाइयों में खतरनाक मिलावट और सफेदी लाने के लिए प्रयुक्त होने वाला सेफोलाइट, फिटकरी तथा संदिग्ध सफेद क्रिस्टल पाउडर भी भारी मात्रा में बरामद किया गया।
1675 किलो तैयार मिठाइयों का जखीरा बरामद, नियमों की उड़ीं धज्जियां
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से करीब 1675 किलोग्राम तैयार मिठाइयों का स्टॉक पकड़ा। इसमें 1000 किलो कलाकंद, 350 किलो चांदी वर्क लगी बर्फी और 300 किलो डोडा बर्फी व पेड़ा शामिल था। यह समूचा माल बिना किसी ढक्कन या सुरक्षा आवरण के खुले में रखा गया था, जहां कीड़े-मकोड़े रेंग रहे थे।
दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संचालक के पास केवल रिटेल बिक्री का सामान्य लाइसेंस मौजूद था, जबकि वह वैध निर्माण लाइसेंस के बिना ही अवैध रूप से थोक स्तर पर मिठाइयों का उत्पादन कर रहा था। वहां कार्य कर रहे 25 श्रमिकों में से किसी का भी अनिवार्य मेडिकल परीक्षण नहीं हुआ था और न ही कोई ग्लव्स या हेयर कैप जैसे स्वच्छता मानकों का पालन कर रहा था।
2675 किलो दूषित सामग्री नष्ट करने के निर्देश, 15 सैंपल लैब भेजे
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली लगभग 2675 किलोग्राम दूषित तैयार सामग्री को नष्ट करने के लिए चिन्हित कर जब्त कर लिया। इसके अलावा 79,000 रुपये से अधिक मूल्य का 686 किलो कच्चा माल भी कब्जे में लिया गया है।
अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य उत्पादों के 15 अलग-अलग नमूने विधिवत सील कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला (लैब) भेज दिए हैं। यूनिट के संचालन को तुरंत प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। त्योहार से ठीक पहले हुई इस कड़ी कार्रवाई से राजधानी के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।





















































