उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आपसी रंजिश के चलते एक युवक की नृशंस हत्या का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां दो सगे भाइयों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर अपने ही दोस्त की धारदार हथियार से हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव के टुकड़े कर उसे गोबर के गड्ढे में दबा दिया। पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी, उसके सगे भाई और उनके तीसरे सहयोगी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
घर से लापता था युवक, परिजनों ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतक की शिनाख्त शिवपुरवा क्षेत्र के निवासी ईशू कन्नौजिया के रूप में की गई है। ईशू गत 6 अगस्त को अपने घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर करीब दस दिनों तक उसकी काफी खोजबीन की, किंतु उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 17 अगस्त को परिजनों ने सिगरा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस तभी से युवक की तलाश में जुटी हुई थी।
पोखरी के पास टुकड़ों में मिला शव, इलाके में फैली सनसनी
शुक्रवार की शाम लहरतारा मार्ग स्थित खखड़िया पोखरी के समीप से गुजर रहे राहगीरों ने लावारिस हालत में संदिग्ध वस्तु पड़ी देखकर पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने जब मुआयना किया तो दंग रह गई। रेलवे ट्रैक से कुछ ही दूरी पर बने एक सुनसान स्थान के गोबर के गड्ढे में प्लास्टिक की थैलियों में भरकर छुपाए गए शव के टुकड़े बरामद हुए। शव की पहचान लापता ईशू कन्नौजिया के रूप में होते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
शराब पार्टी में हुई मारपीट का बदला लेने के लिए रची साजिश
अपर पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) वैभव बांगर ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या की जड़ पुरानी रंजिश थी। 3 अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू का अपने दोस्त प्रदीप के साथ विवाद हो गया था, जिसमें ईशू ने प्रदीप की पिटाई कर दी थी। इसी अपमान और मारपीट का बदला लेने के लिए प्रदीप ने ईशू को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। योजना के तहत प्रदीप ने अपने सगे भाई रामकृष्ण और साथी रोहित को इस षड्यंत्र में शामिल किया और मौका पाकर धारदार हथियार से ईशू को मौत के घाट उतार दिया।
कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज से खुले राज, तीनों आरोपी दबोचे गए
पुलिस की तकनीकी और सर्विलांस टीम ने जब ईशू के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली, तो पता चला कि घटना के दिन आखिरी कॉल प्रदीप की ही आई थी। इसके आधार पर पुलिस ने संबंधित रूट के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें प्रदीप, रामकृष्ण और रोहित की गतिविधियां अत्यंत संदिग्ध नजर आईं। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद शुक्रवार देर रात पुलिस टीम ने तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।














































