गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बने प्रतिष्ठित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सामने आने से प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। टर्मिनल से पार्किंग और टैक्सी स्टैंड को जोड़ने वाले अंडरपास में पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। दूसरी ओर, हवाई अड्डा प्रशासन ने जलभराव की बात स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया है कि स्थिति पर बेहद कम समय में काबू पा लिया गया था और इससे हवाई सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, अखिलेश यादव ने बोला हमला
मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन से बाहर निकलकर पार्किंग और टैक्सी स्टैंड की तरफ जाने वाले भूमिगत रास्ते में भारी मात्रा में पानी जमा दिखाई दिया। वीडियो में हवाई अड्डे के रखरखाव कर्मी पंप और अन्य साधनों की मदद से पानी को बाहर निकालने की मशक्कत करते हुए नज़र आ रहे हैं। इस वीडियो को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने चुटकी लेते हुए लिखा कि जहां भाजपा सरकार होती है, वहां महा-भ्रष्टाचार देखने को मिलता है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए सवाल पूछा कि क्या अब हवाई अड्डे के परिसर में नाव चलानी पड़ेगी?
30 मिनट में स्थिति सामान्य करने का प्रबंधन का दावा
विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और विवाद के बीच नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के जनसंपर्क विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा। हवाई अड्डा प्रबंधन ने बताया कि अचानक हुई तेज बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाले सब-वे (मार्ग) में कुछ समय के लिए पानी एकत्र हो गया था। हालांकि, आपातकालीन टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 30 मिनट के भीतर पूरे जमा पानी को बाहर निकाल दिया और स्थिति को पूरी तरह सामान्य बना दिया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने साफ किया कि इस जलभराव की वजह से उड़ानों के आवागमन या हवाई अड्डे के दैनिक कामकाज पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा।
राज्य सरकार की सफाई और मौसम का असर
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मंगलवार देर रात बयान जारी कर स्थिति की जानकारी दी। सरकार की ओर से कहा गया कि जलभराव की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की तकनीकी टीमें तुरंत सक्रिय हो गई थीं और आधे घंटे के अंदर पानी की पूरी निकासी सुनिश्चित कर दी गई, जिससे यात्रियों की आवाजाही तुरंत बहाल हो गई। हालांकि, मंगलवार को खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते धर्मशाला जाने वाली एक उड़ान को जरूर रद्द करना पड़ा था, लेकिन इसका कारण मौसम संबंधी परिस्थितियां थीं, न कि परिसर का जलभराव।
उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी विकास परियोजना
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 1,334 हेक्टेयर (करीब 3,300 एकड़) विशाल भूमि पर विकसित किया गया नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे प्रमुख और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत तैयार किए गए इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का उद्घाटन इसी वर्ष 28 मार्च को हुआ था, जबकि 15 जून से यहां से कमर्शियल (वाणिज्यिक) उड़ानों का नियमित संचालन शुरू किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर निर्मित इस ड्रीम प्रोजेक्ट में जलभराव की घटना के बाद अब इसकी ड्रेनेज प्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।





















































