उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ग्रामीण अंचल स्थित मोहनलालगंज में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित रूप से धर्मांतरण कराने की कोशिश का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। क्षेत्र के रायपुर भदेशवा गांव स्थित एक निजी आवास में चल रही सभा के दौरान स्थानीय हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर जमकर विरोध-प्रदर्शन और हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर सभा का संचालन कर रहे पादरी चंद्रिका प्रसाद समेत कुछ अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
2 बकरियां और पानी की टंकी देने का प्रलोभन देने का आरोप
बजरंग दल तथा श्रीराम सनातन सेवा समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इस सभा के माध्यम से क्षेत्र के निर्धन व सीधे-साधे ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। कार्यकर्ताओं के अनुसार, पुलिस को मौके से एक संदिग्ध डायरी और कुछ धार्मिक साहित्य प्राप्त हुआ है। उनका दावा है कि इस डायरी में धर्मांतरण के बदले लोगों को 2-2 बकरियां देने और उनके निवास स्थान पर पानी की टंकी स्थापित कराने जैसे कथित प्रलोभनों का लेखा-जोखा दर्ज है। इसके अलावा पादरी पर अपने मूल पहचान के बजाय हिंदू नाम का इस्तेमाल कर ग्रामीणों को भ्रमित करने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।
पुलिस की जांच और शुरुआती निष्कर्ष
घटनाक्रम पर मोहनलालगंज पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो वहां केवल 4 से 5 लोग ही मौजूद पाए गए। प्राथमिक पूछताछ के दौरान वहां उपस्थित लोगों ने अपनी स्वेच्छा से धार्मिक प्रार्थना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्राथमिक पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि संबंधित स्थान पर वर्ष 2009-10 से ही लगातार इस प्रकार की प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में किसी भी स्थानीय ग्रामीण अथवा पीड़ित पक्ष की ओर से जबरन धर्मांतरण या लालच दिए जाने के संबंध में कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
हिंदू संगठनों की नाराजगी और कड़ी कार्रवाई की मांग
हंगामे के उपरांत बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर इस संवेदनशील मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस लिखित शिकायत दर्ज करने में आनाकानी कर रही है और प्रत्यक्ष पीड़ित के सामने आने की शर्त रख रही है। हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि प्रकरण की निष्पक्षता से गहराई से जांच की जा रही है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस बीच, अखिल भारत हिंदू महासभा ने भी मामले को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन प्रेषित कर ‘चंगाई सभाओं’ की आड़ में चलाए जा रहे कथित धर्मांतरण के खेल के विरुद्ध अति-कड़ा कानून बनाने की मांग उठाई है। संगठन ने आरोप लगाया है कि बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के ऐसी सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें समाज के गरीब, वंचित और अशिक्षित तबके को इलाज, शिक्षा, रोजगार और वित्तीय सहायता का झांसा देकर दिग्भ्रमित किया जा रहा है।





















































