अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के ऐतिहासिक पड़ाव के बाद अब सनातन समाज ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा को लेकर अपने आंदोलन को निर्णायक धार देना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में ‘कन्हैया और नंदी नहीं रहेंगे बंदी’ के गगनभेदी नारे के साथ एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें संतों, राजनेताओं और आम श्रद्धालुओं ने एक स्वर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के संकल्प को दोहराया। महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आयोजित इस जुलूस में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाले समय में काशी और मथुरा का विषय देश के केंद्रीय धार्मिक विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है।
समाज के हर वर्ग की एकजुटता: गोरखपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
इस महत्वपूर्ण शोभायात्रा की सबसे अनूठी विशेषता इसका सर्वसमावेशी स्वरूप रही। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ इसमें मातृशक्ति और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर सहभागिता दर्ज कराई। हाथों में भगवा ध्वज लिए श्रद्धालुओं ने स्पष्ट किया कि अयोध्या में मंदिर का सपना साकार होने के उपरांत अब समस्त सनातनी जगत की दृष्टि मथुरा और काशी पर टिकी है। जुलूस के दौरान धर्मध्वजा लहराते हुए कार्यकर्ताओं ने आह्वान किया कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का यह कारवां अब रुकने वाला नहीं है।
राम जन्मभूमि जैसा होगा श्रीकृष्ण जन्मस्थान अभियान: दयानंद शर्मा
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रमुख नेता दयानंद शर्मा ने इस आयोजन को केवल एक पारंपरिक शोभायात्रा मानने से इनकार करते हुए इसे एक व्यापक जनजागरण अभियान की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पांच शताब्दियों के संघर्ष के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर अस्तित्व में आया, ठीक उसी संगठित स्वरूप में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की सीमा से निकलकर यह संदेश समूचे राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग श्रीकृष्ण के मथुरा में प्राकट्य पर संदेह करते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि हिंदू समाज अपनी शाश्वत आस्था और ऐतिहासिक मान्यताओं के बल पर इस संघर्ष को तार्किक परिणति तक पहुंचाएगा।
वर्तमान पीढ़ी का सौभाग्य है राम मंदिर, अब मथुरा-काशी पर ध्यान: महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी
शोभायात्रा के आध्यात्मिक नेतृत्व का दायित्व संभाल रहीं महामंडलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि रामलला के मंदिर का निर्माण देखना वर्तमान पीढ़ी का परम सौभाग्य है। किंतु साधना और संकल्प अभी अधूरा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि काशी और मथुरा अब हिंदू जनमानस के प्राथमिक संकल्प बन चुके हैं। उन्होंने हिंदू समाज से आह्वान किया कि वह मतभेदों से ऊपर उठकर सनातन परंपरा की रक्षा के लिए संगठित हो। संतों के मार्गदर्शन और धर्म ध्वज की छत्रछाया में इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा ताकि जनचेतना को संगठित शक्ति में बदला जा सके।
महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आंदोलन के नए युग की शुरुआत: विधायक हंसू राम
बलिया के विधायक हंसू राम ने इस ऐतिहासिक आयोजन के संदर्भ को रेखांकित करते हुए कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना अत्यंत गौरवशाली अनुभव है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘कन्हैया और नंदी नहीं रहेंगे बंदी’ का उद्घोष महज एक नारा नहीं, बल्कि आने वाले समय में मथुरा में बनने वाले भव्य मंदिर के आंदोलन की औपचारिक आधारशिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस तरह राम मंदिर का संकल्प पूर्ण हुआ, उसी तरह मथुरा की पावन धरा पर भी आराध्य श्रीकृष्ण का दिव्य मंदिर बनकर रहेगा।





















































