उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक रिहायशी मकान में अचानक भड़की भीषण आग ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। रविवार तड़के जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी घर आग की विकराल लपटों से घिर गया। इस रूह कंपा देने वाले अग्निकांड में 11 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बड़ी बहन गंभीर रूप से झुलस गईं। दोनों घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजधानी लखनऊ रेफर किया गया है।
नींद के आगोश में समाया मासूम, नहीं मिला संभलने का मौका
यह हृदयविदारक घटना मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोपालपुर की है। रविवार की सुबह करीब 6 बजे मकान के भीतर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय 11 साल का मासूम कृष्णा अपने बिस्तर पर सो रहा था। कमरा तेजी से आग और धुएं के गुबार में तब्दील हो गया, जिसके चलते बच्चे को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से उसे फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परीक्षण के उपरांत डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मां और बहन की हालत नाजुक, लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर में मौजूद अन्य सदस्यों को भी अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कृष्णा की मां 40 वर्षीया गौरी और उसकी 17 वर्षीय बहन काजल आग की लपटों से बुरी तरह झुलस गईं। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल लखनऊ के उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर कर दिया, जहां दोनों जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं।
शॉर्ट सर्किट से आग फैलने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी
सुबह के समय मकान से काला धुआं और भयंकर लपटें निकलती देख आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए फौरन स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल को सूचित किया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्राथमिक जांच के अनुसार, घटना की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।





















































