नोएडा: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की सड़कों पर राहगीरों को निशाना बनाकर मोबाइल छीनने और दोपहिया वाहन उड़ाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना सेक्टर-20 की पुलिस टीम ने सटीक इनपुट और तकनीकी निगरानी की मदद से गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा। पकड़े गए बदमाशों के पास से झपटमारी और चोरी के 14 महंगे स्मार्टफोन, दो चोरी की मोटरसाइकिलें, अवैध हथियार और नकदी जब्त की गई है। इस कार्रवाई से एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिली कामयाबी
जिले में बढ़ती छिनैती की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी। 8 सितंबर 2026 को गोपनीय सूचना और सर्विलांस सेल से मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने त्वरित घेराबंदी की। पुलिस दस्ते ने सेक्टर-28 स्थित सर्विस रोड पर जाल बिछाकर तीनों संदिग्धों को उस समय दबोच लिया, जब वे किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की पहचान आशु कुमार, मन्नू कुमार और नावेद खान के रूप में की गई है।
अपराध का संगठित मॉडल: मैकेनिक, दुकानदार और स्नैचर का गठजोड़
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने संगठित अपराध करने के तौर-तरीकों का खुलासा किया। गिरोह में शामिल मन्नू कुमार पेशे से दोपहिया वाहन मैकेनिक है, जो ताले तोड़ने और वाहनों के लॉक बाईपास करने में माहिर है। वहीं, तीसरा साथी नावेद खान मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। योजना के मुताबिक, आशु और मन्नू चोरी की तेज रफ्तार बाइकों पर सवार होकर दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर निकलते थे। वे पैदल चलने वाले अथवा सड़क किनारे बात कर रहे लोगों को चिन्हित कर झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद छीने गए हैंडसेट नावेद को सौंप दिए जाते थे, जो दुकान की आड़ में उन्हें अथवा उनके कलपुर्जों (पार्ट्स) को बेचकर मोटी रकम बनाता था। मिलने वाली रकम को तीनों आपस में बराबर बांटते थे।
बिना नंबर प्लेट की स्पोर्ट्स बाइक और लॉक तोड़ने के औजार जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 स्मार्ट मोबाइल फोन, 5,000 रुपये की नकदी, दो अवैध चाकू और दोपहिया वाहनों के ताले चटकाने में इस्तेमाल होने वाला एक विशेष स्क्रू बरामद किया है। इसके अतिरिक्त, दो चोरी की मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं, जिनमें एक बिना नंबर प्लेट वाली यामाहा आर-15 स्पोर्ट्स बाइक और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल शामिल है। जांच में सामने आया कि बरामद स्प्लेंडर बाइक दिल्ली के कालिंदी कुंज थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी, जिसके संबंध में पहले से प्राथमिकी दर्ज है।
बुलंदशहर से दिल्ली तक फैला आपराधिक इतिहास
पकड़े गए तीनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड काफी लंबा रहा है। मुख्य आरोपी आशु कुमार के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-20, सेक्टर-24 और दिल्ली के कालिंदी कुंज थाने के अलावा बुलंदशहर के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2025 में ही उसके विरुद्ध खुर्जा देहात, कोतवाली देहात और सिकंदराबाद में भी आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। दूसरे आरोपी मन्नू कुमार पर भी नोएडा और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज है। तीसरे आरोपी नावेद खान के खिलाफ भी दिल्ली-नोएडा के थानों सहित वर्ष 2017 में बुलंदशहर के खानपुर थाने में गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक केस दर्ज होने का रिकॉर्ड सामने आया है।
नेटवर्क के अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए सभी मोबाइलों के ईएमईआई नंबरों के आधार पर संबंधित थानों से जानकारी जुटाई जा रही है ताकि दर्ज मामलों से उनका मिलान किया जा सके। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नावेद खान द्वारा छीने गए फोन किन-किन खरीदारों को बेचे गए थे। पुलिस गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों और चोरी का माल खरीदने वाले नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है।





















































