गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के सख्त दिशा-निर्देशों के क्रम में नोएडा पुलिस को अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। सेक्टर-20 थाना पुलिस ने एनसीआर क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय वाहन चोरों के एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके मुख्य सरगना सहित दो कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा है। पुलिस की इस दबिश में न केवल चोरी की 11 मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, बल्कि आरोपियों के पास से घातक हथियार भी बरामद किए गए हैं, जो क्षेत्र में बढ़ रही वाहन चोरी की वारदातों को रोकने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।
खुफिया जानकारी पर पुलिस का सटीक वार
इस पूरी कार्रवाई की पटकथा 12 जून को उस समय लिखी गई जब सेक्टर-20 पुलिस को अपने मुखबिर तंत्र और गोपनीय सूचनाओं के माध्यम से क्षेत्र में कुछ संदिग्धों के सक्रिय होने की भनक लगी। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और सेक्टर-28 इलाके से घेराबंदी करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। पकड़े गए बदमाशों की पहचान 23 वर्षीय सोनू हलदर, निवासी छलेरा (सेक्टर-44, नोएडा) और 20 वर्षीय नाजिम, जो मूल रूप से हरदोई का रहने वाला है और वर्तमान में छलेरा में ही रह रहा था, के रूप में हुई है।
रेकी और सस्ते दामों पर बिक्री: चोरी का शातिर तरीका
पूछताछ के दौरान गिरोह के काम करने का जो तरीका सामने आया है, वह पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला था। ये अपराधी सुनियोजित तरीके से पहले व्यस्त इलाकों की रेकी करते थे और मौका पाकर मोटरसाइकिल पार कर देते थे। गिरोह का नेटवर्क केवल नोएडा तक ही सीमित नहीं था, बल्कि ये दिल्ली के विभिन्न इलाकों—जैसे ज्योति नगर, न्यू अशोक नगर, बदरपुर और समयपुर बादली—से भी वाहनों को निशाना बनाते थे। चोरी के वाहनों को कबाड़ी के पास खपाने के बजाय, ये शातिर उन्हें राहगीरों को बेहद कम कीमतों पर बेचकर अपना मुनाफा कमाते थे।
हथियार और आपराधिक इतिहास का काला चिट्ठा
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू हलदर के पास से एक .315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी जब्त किया है। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि दोनों के खिलाफ पहले से ही कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। सोनू पर चोरी, अवैध हथियार और आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि नाजिम भी वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज पूर्व के मुकदमों में नामजद है। पुलिस ने इन दोनों के विरुद्ध थाना सेक्टर-20 में बीएनएस की सुसंगत धाराओं (317(2), 317(5)) और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अब असली मालिकों तक पहुंचाई जाएगी संपत्ति
फिलहाल पुलिस बरामद की गई 11 मोटरसाइकिलों के चेसिस और इंजन नंबरों के जरिए उनके वास्तविक मालिकों की पहचान करने की प्रक्रिया में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक गिरोह का अंत नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य साथियों की तलाश के लिए दबिश जारी है। इस कार्रवाई से एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय अन्य वाहन चोरों में हड़कंप मच गया है। जल्द ही इस अंतरराज्यीय गिरोह के बाकी सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।





















































