गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के कल्याण की दिशा में एक अहम निर्णय लेते हुए उनके दैनिक मानदेय और स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे को व्यापक रूप दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल सम्मेलन और कल्याणकारी योजना के उद्घाटन समारोह के दौरान पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की विधिवत घोषणा की। इसके अतिरिक्त, प्रदेश भर के 31 हजार से अधिक पीआरडी जवानों और उनके परिजनों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस चिकित्सा उपचार की सुविधा से भी आच्छादित किया गया है।
स्वास्थ्य सुरक्षा कवच: सरकारी व सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त उपचार
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी सरकार के सत्ता में आने से व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि पीआरडी जवानों ने कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यों, बड़े आयोजनों, यातायात प्रबंधन और निर्वाचन दायित्वों के दौरान निरंतर अपनी निष्ठा व अनुशासन का परिचय दिया है।
इन्हीं बहुमूल्य सेवाओं के सम्मान स्वरूप सरकार ने जवानों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू की है। इस व्यवस्था के अंतर्गत सभी पात्र स्वयंसेवक सरकारी चिकित्सालयों के साथ-साथ योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का गुणवत्तापूर्ण इलाज बिना किसी अग्रिम भुगतान के प्राप्त कर सकेंगे।
वर्ष 2019 से लगातार बढ़ा मानदेय
मुख्यमंत्री ने पीआरडी जवानों के मानदेय में हुए ऐतिहासिक बदलावों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि:
- वर्ष 2019 से पूर्व जवानों को प्रतिदिन मात्र 250 रुपये का मानदेय मिलता था।
- वर्तमान प्रशासन द्वारा वर्ष 2019 में इसे संशोधित कर 375 रुपये किया गया।
- वर्ष 2022 में इस राशि को बढ़ाकर 395 रुपये और आगे चलकर वर्ष 2025 में 500 रुपये प्रतिदिन तक पहुंचाया गया।
- अब नई घोषणा के साथ यह दैनिक भत्ता 600 रुपये निर्धारित कर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ेगी पीआरडी की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व के वर्षों में पीआरडी कर्मियों के लिए ड्यूटी के सीमित अवसर उपलब्ध थे, जबकि आज स्थिति यह है कि सुरक्षा कार्यों के विस्तार के चलते जवानों की मांग लगातार बनी रहती है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीआरडी स्वयंसेवकों को मेट्रो रेल नेटवर्क, नागरिक उड्डयन सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, सरकारी भवनों तथा भूमि पैमाइश के दौरान सुरक्षा जैसे संवेदनशील कार्यों में प्राथमिकता के आधार पर तैनात किया जाए।
सुरक्षा कर्मियों के बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण
राज्य में सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि पुलिस और सुरक्षा कार्मिकों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 56 जनपदों में बहुमंजिला और अत्याधुनिक बैरकों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को गरिमापूर्ण वातावरण और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिक सोच का हिस्सा है।
पिछली व्यवस्थाओं पर निशाना
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती प्रशासनिक व्यवस्थाओं की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व में जनहित और क्षेत्रीय विकास की अनदेखी कर संकीर्ण प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था, जिसके चलते प्रदेश में आपराधिक गतिविधियों और अव्यवस्था को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने माफिया संस्कृति पर अंकुश लगाकर राज्य में कानून का शासन स्थापित किया है और विकास कार्यों को गति दी है।





















































