नोएडा। उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए सेक्टर-25 स्थित गैराज से हुई करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी का सफल अनावरण किया है। पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस पूरे गिरोह के 6 सदस्यों को दबोच लिया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये की भारी नकदी और अपराध में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट वाली कार जब्त की गई है। बरामद की गई कुल धनराशि में 500-500 रुपये के नोटों के कुल 296 बंडल शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद अब जांच एजेंसियां और आयकर विभाग भी इस रकम के वित्तीय स्रोतों की पड़ताल में जुटने जा रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मुखबिर तंत्र से मिली कामयाबी
थाना सेक्टर-20 की पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र के सटीक समन्वय से 18 अगस्त 2026 को इस वारदात का पर्दाफाश किया। पुलिस ने संदिग्धों की घेराबंदी करते हुए रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते पर जाल बिछाया और सभी 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की शिनाख्त निम्नलिखित रूप में हुई है:
- अवनीश कुमार (33 वर्ष): बीएससी पास मुख्य साजिशकर्ता, जो ट्रेडिंग व निवेश नेटवर्क से जुड़ा था।
- पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा (28 वर्ष): दिल्ली-एनसीआर और मथुरा क्षेत्र में कैब चालक।
- जितेंद्र कुमार (24 वर्ष): शराब की दुकान पर कार्यरत सेल्समैन।
- अनिल कुमार (22 वर्ष): शराब ठेके पर सेल्समैन।
- सुमित कुमार (22 वर्ष): निजी संस्थान में कार्यरत कर्मचारी।
- नीशू चौहान (29 वर्ष): कृषि कार्य से जुड़ा ग्रामीण युवक।
निवेश का विवाद और बदले की नीयत से रची गई साजिश
पुलिस की विस्तृत पूछताछ में सामने आया कि मुख्य अभियुक्त अवनीश कुमार एक सीए फर्म के जरिए लोगों से धन एकत्र कर निवेश कराने का काम करता था और पिछले करीब एक साल से टीपीएफ (ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड) से जुड़ा हुआ था। जांच के अनुसार, शिकायतकर्ता पक्ष से आशीष नामक व्यक्ति ने निवेशकों की व्यवस्था करने के एवज में 1.48 करोड़ रुपये की राशि ली थी।
अवनीश द्वारा निवेश की गई रकम जब लंबे समय तक वापस नहीं मिली, तो उसने अपने पैसों की भरपाई के लिए एक खतरनाक षड्यंत्र रचा। उसने अपने रिश्तेदारों और परिचित साथियों को संगठित कर एक गिरोह बनाया। योजनाबद्ध तरीके से सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज को निशाना बनाया गया, जहां नकदी रखे होने की पुख्ता जानकारी थी। इसके बाद मौका पाकर पूरी रकम पार कर दी गई।
आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड की छानबीन में यह तथ्य उजागर हुआ है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों का पहले से गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड रहा है:
- पवन उर्फ कांचा: इसके खिलाफ वर्ष 2015 से 2025 के दौरान मथुरा के राया और छाता थानों में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस, चोरी का माल रखने, अपहरण और जानलेवा हमले से जुड़े कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।
- जितेंद्र कुमार: इसके विरुद्ध जनपद बुलंदशहर के अरनिया थाने में गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कानूनी मामले दर्ज हैं।
- अनिल कुमार: इसके खिलाफ हाथरस जिले में आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।
आयकर विभाग करेगा पैसों के स्रोत की जांच
डीसीपी नोएडा साद मियां खान के अनुसार, बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस अब इस पहलू पर भी गहन जांच कर रही है कि गैराज में रखी गई इतनी भारी रकम का वास्तविक स्रोत क्या था और निवेश के नाम पर किन-किन लोगों से धन जुटाया गया था। नकदी के लेन-देन में वित्तीय अनियमितताओं की संभावना को देखते हुए पुलिस विभाग आधिकारिक रूप से आयकर विभाग (Income Tax Department) को पत्र भेजकर समानांतर जांच शुरू करा रहा है।





















































