वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा आम चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने स्पष्ट किया है कि पार्टी आगामी चुनाव में कितनी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी, इसका अंतिम व रणनीतिक निर्णय कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार, वर्तमान में पार्टी संगठन राज्य के सभी 75 जिलों में आंतरिक समीक्षा अभियान चला रहा है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का जमीनी आकलन जारी
वाराणसी में समाचार एजेंसी से वार्ता के दौरान अजय राय ने बताया कि कांग्रेस के विशेष पर्यवेक्षक और समर्पित कार्यकर्ता राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर लगातार दौरे कर रहे हैं। इस राष्ट्रव्यापी व राज्यस्तरीय समीक्षा प्रक्रिया के तहत:
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय जनसमस्याओं और बुनियादी मुद्दों की पहचान की जा रही है।
- बूथ स्तर से लेकर ब्लॉक व जिला स्तर तक संगठन के मौजूदा ढांचे की मजबूती को परखा जा रहा है।
- जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से जनता के मिजाज और चुनावी माहौल का वास्तविक फीडबैक एकत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इस व्यापक समीक्षा प्रक्रिया के संपन्न होने के पश्चात पूरी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर ही शीर्ष नेतृत्व आगामी चुनावी गठजोड़ या सीट आवंटन की दिशा तय करेगा।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भाजपा सरकार की घेराबंदी
चुनावी तैयारियों के अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और भूमि खरीद के पुराने विवादों को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस गंभीर विषय को शुरुआत से ही उठाती रही है। मामले में पूर्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और तत्पश्चात सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों पर बनी जांच समिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
अजय राय ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विशिष्ट पदाधिकारियों—जिनमें चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी और गोपाल राव जैसे नाम शामिल हैं—को महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए और शासन स्तर से उन्हें क्लीन चिट दिलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मंदिर में आए चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और आगामी राज्यों के चुनावों में जनता मतदान के जरिए इस पूरे प्रकरण का उचित जवाब देगी और भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
‘वंदे मातरम’ विवाद पर संघ को दी नसीहत
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अजय राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पलटवार किया।
उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों को नसीहत देते हुए कहा कि संघ को अपने प्रत्येक रूट मार्च और सार्वजनिक पथ संचलन के दौरान अनिवार्य रूप से ‘वंदे मातरम’ का संपूर्ण गायन करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बल दिया कि संघ के कार्यक्रमों में हर स्वयंसेवक और भारतीय नागरिक के हाथों में अनिवार्य रूप से देश की आन-बान-शान का प्रतीक ‘राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा’ होना चाहिए।





















































