उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक बड़े और दर्दनाक हादसे से दहल उठी। शहर के पॉश इलाके अलीगंज में स्थित एक व्यावसायिक इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे लाइब्रेरी और कंप्यूटर कोचिंग सेंटर में अचानक भयंकर आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड में अब तक 10 से अधिक होनहार छात्रों की झुलसने और दम घुटने से मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। जान बचाने की जद्दोजहद में कई छात्रों ने इमारत से छलांग तक लगा दी। इस खौफनाक मंजर को देखकर पूरे इलाके में मातम और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रशासन और बचाव दल युद्धस्तर पर राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
धुआं, चीख-पुकार और मौत की छलांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना सोमवार दोपहर लगभग 2:15 बजे की है। जिस समय आग भड़की, उस वक्त दूसरी मंजिल पर संचालित ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र मौजूद थे। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी मंजिल पर दमघोंटू काला धुआं भर गया। सांस लेना दूभर होने पर घबराए हुए कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। वहीं, लपटों से बचने का कोई और रास्ता न पाकर कुछ छात्रों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। इसी अफरा-तफरी में एक छात्र सीधे नीचे लगी लोहे की नुकीली ग्रिल पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर: दमकल, NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा
आग की भयावहता की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग की 10 से अधिक गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग को बुझाने की कड़ी मशक्कत शुरू कर दी गई। चूंकि आग दूसरी मंजिल पर लगी थी और लपटें बहुत तेज थीं, इसलिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में उतारा गया। मुख्य द्वार से प्रवेश संभव न होने पर फायर ब्रिगेड के जवानों ने भारी मशक्कत के बाद इमारत के पीछे की दीवार को तोड़ा और अंदर जिंदगी और मौत से जूझ रहे छात्रों तक पहुंचे। मृतकों के शवों और झुलसे हुए लोगों को इसी रास्ते से बाहर निकाला गया। मौके पर लगभग 14 एंबुलेंस तैनात की गई हैं, जो लगातार घायलों को नजदीकी अस्पतालों के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचा रही हैं। अभी भी कुछ छात्रों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीच में छोड़ा दौरा
इस भीषण त्रासदी की खबर मिलते ही शासन-प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। दूसरी तरफ, घटना की सूचना मिलते ही सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी बेहद व्यथित नजर आए। उन्होंने स्थिति की नजाकत को भांपते हुए अपना पूर्व निर्धारित अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और तुरंत लखनऊ वापस लौटने का बड़ा फैसला किया। मुख्यमंत्री पल-पल की अपडेट ले रहे हैं और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है उस इमारत का पूरा लेआउट?
जिस बहुमंजिला इमारत में यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसका इस्तेमाल पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल पर मुख्य रूप से पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) और एक क्लीनिक का संचालन होता है। वहीं, सबसे ज्यादा प्रभावित दूसरी मंजिल पर ‘लर्निंग स्पेस’ नाम से लाइब्रेरी एवं कोचिंग संस्थान चलता है। इसके अलावा इसी फ्लोर पर ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ नाम का एक संस्थान भी संचालित होता है, जो 3डी आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम करता है। फिलहाल प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इस व्यावसायिक इमारत में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।





















































