ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने एक बड़े मोबाइल चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने संगठित तरीके से सक्रिय इस गिरोह के तीन सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के 100 सील पैक iQOO स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई ने पुलिस के लिए बड़ी राहत की बात है, क्योंकि यह गिरोह बड़े पैमाने पर चोरी किए गए सामान को बाजार में खपाने की तैयारी में था। हालांकि, गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है, जिसकी तलाश में विशेष टीमें दबिश दे रही हैं।
ऐसे रची गई घेराबंदी और मिली कामयाबी
पुलिस को 21 जून 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूत्रों से सटीक सूचना मिली कि चोरी किए गए फोनों का एक बड़ा जखीरा सेक्टर-153 स्थित पानी की टंकी के पास छिपाया गया है और आरोपी इन्हें बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया और संबंधित इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस की तत्परता का नतीजा यह रहा कि मौके पर ही गिरोह के तीन सदस्यों को धर दबोचा गया। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान आनंद उर्फ रुद्रेश, पंकज उर्फ धीरेंद्र और मोहित उर्फ संतोष के रूप में हुई है।
लॉजिस्टिक हब को बनाया था निशाना
प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि ये सभी 100 सील पैक स्मार्टफोन यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-24 स्थित कंपनी के लॉजिस्टिक चैनल से चोरी किए गए थे। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हें बेहद सुरक्षित तरीके से ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने घटनास्थल से एक महिंद्रा पिकअप वाहन भी जब्त किया है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी, ताकि जांच एजेंसियों को चकमा दिया जा सके। इसके अतिरिक्त, आरोपी आनंद और मोहित के पास से दो अवैध चाकू भी बरामद किए गए हैं, जो उनकी आपराधिक गंभीरता को दर्शाते हैं।
पुराना है इन अपराधियों का काला इतिहास
जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई वारदातों में शामिल रहे हैं। मुख्य आरोपी आनंद उर्फ रुद्रेश का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसके खिलाफ दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, गिरोह के एक अन्य सदस्य मोहित पुंडीर के खिलाफ भी विभिन्न थानों में चोरी से जुड़े मामले दर्ज पाए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त था।
मास्टरमाइंड की तलाश में तेज हुई दबिश
नॉलेज पार्क थाने में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। गिरोह के अन्य सहयोगियों और फरार मास्टरमाइंड की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि मास्टरमाइंड के पकड़े जाने के बाद इस अंतरराज्यीय चोर गिरोह के नेटवर्क और इनसे जुड़े अन्य अनसुलझे मामलों का भी बड़ा खुलासा हो सकेगा।





















































