झांसी – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक अहम बैठक की। झांसी के आयुक्त सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे अवैध गतिविधियों में लिप्त तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए। उनका यह बयान उस समय आया है, जब प्रदेश में अवैध खनन, गो तस्करी और भू-माफिया की गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ रही है।
अवैध खनन पर लगाम लगाने के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जनपद झांसी में हो रहे विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विशेष तौर पर अवैध खनन, गो तस्करी, भू-माफिया और शराब माफिया पर कार्रवाई पर जोर दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, “इन गैरकानूनी गतिविधियों को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी माफिया चाहे कितना भी शक्तिशाली हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरों के जरिए अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग करके निगरानी व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहां एक सुव्यवस्थित खनन नीति लागू की गई है। इस नीति के तहत खनन गतिविधियों को पारदर्शी और अनुशासित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जनसंवाद पहल को मिलेगा प्रदेश स्तर का विस्तार
बैठक में सीएम योगी ने जिलाधिकारी गौरांग राठी द्वारा शुरू की गई ‘जनसंवाद’ पहल की सराहना की और इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद स्थापित करके शासन की पहुंच को आम लोगों तक बढ़ाया जा सकता है। यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देगी, बल्कि जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में भी सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘जनसंवाद’ कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी अन्य जिलों को दी जाए, ताकि वे भी इस प्रभावी मॉडल को अपनाकर अपने यहां लागू कर सकें। यह कदम प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ाने और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
जनप्रतिनिधियों से संवाद जरूरी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर काम करें तो विकास को गति मिलती है और योजनाओं का लाभ सीधे आम आदमी तक पहुंचता है।” उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों और नई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया जाए। इससे न केवल जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा, बल्कि सरकार की उपलब्धियों को भी सही तरीके से पेश किया जा सकेगा।
कानून व्यवस्था को और सशक्त बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनपद में आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जो कार्य किए जा रहे हैं, उनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी का यह रुख साफ संकेत देता है कि सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है।





















































