उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद हैरान करने वाला और दिलचस्प मामला सामने आया है। महानगर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने फर्जी आईपीएस (IPS) अधिकारी बनकर न सिर्फ आम जनता पर रौब झाड़ा, बल्कि ड्यूटी पर पहुंचे असली पुलिसकर्मियों को भी हड़का दिया। इस ‘फर्जी साहब’ का आत्मविश्वास इतना अधिक था कि उसने मौके पर पहुंची पुलिस टीम को टोपी न पहनने पर फटकार लगाई और खुद को सैल्यूट करने का फरमान सुना डाला। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे इस नटवरलाल की चालाकी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और अब वह सलाखों के पीछे है।
चाय की दुकान पर शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा पूरी घटना महानगर इलाके के प्रतिष्ठित गोल मार्केट की है। सोमवार देर रात यहां एक चाय की दुकान पर पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। मिथिलेश शुक्ला नामक एक ग्राहक का चाय विक्रेता से किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सुलझाने के लिए स्थानीय दुकानदार ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। महज एक चाय की प्याली और चंद रुपयों के विवाद ने उस वक्त एक बड़ा रूप ले लिया, जब पुलिस की पीआरवी (PRV) टीम मौके पर पहुंची।
असली पुलिसकर्मियों से कहा- ‘टोपी पहनो और मुझे सैल्यूट मारो’ जैसे ही महानगर थाने की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, मिथिलेश शुक्ला ने अपना हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। बजाय मामला शांत करने के, आरोपी ने खाकी वर्दी वालों पर ही अपना रौब गालिब करना शुरू कर दिया। उसने पुलिसकर्मियों से बेहद सख्त लहजे में कहा, “तुम लोगों ने टोपी क्यों नहीं लगाई है? मुझे तुरंत सैल्यूट करो! मैं नोएडा में तैनात एक आईपीएस अधिकारी हूं।”
अचानक एक ‘वरिष्ठ अधिकारी’ का इस तरह सड़क पर मिलना और रौब दिखाना पुलिसकर्मियों के लिए थोड़ा असहज था, लेकिन आरोपी की बॉडी लैंग्वेज और अति-आत्मविश्वास ने पुलिस को शक में डाल दिया। जब पुलिस टीम ने प्रोटोकॉल के तहत ‘साहब’ से उनका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने का विनम्रता से अनुरोध किया, तो फर्जी आईपीएस के पसीने छूटने लगे। उसने बहाने बनाते हुए कहा कि पहचान पत्र अभी उसके पास नहीं है और वह सुबह थाने आकर दिखा देगा। बस इसी टालमटोल ने उसका सारा कच्चा चिट्ठा खोल दिया और पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में खुला राज: सैमसंग का कर्मचारी निकला ‘फर्जी साहब’ महानगर थाने लाकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो जो हकीकत सामने आई उसने सभी को चौंका दिया। पुलिस जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी का नाम मिथिलेश शुक्ला (उम्र 40 वर्ष) है। वह लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित सीतापुर रोड के भारत नगर का स्थायी निवासी है। असल जिंदगी में वह कोई पुलिस अधिकारी नहीं है, बल्कि नोएडा के सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में एक सामान्य अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत है। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि यह कोई पहली बार नहीं था, बल्कि आरोपी अक्सर अपने इसी फर्जी आईपीएस वाले अवतार में लोगों को धमकाता और उन पर अपना प्रभाव जमाता था।
संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज, भेजा गया जेल इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की है। महानगर थाने में तैनात दरोगा आर्यन शर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी मिथिलेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी पर धारा 132 (सरकारी सेवक का छद्म वेश धारण करना), धारा 221 (छद्म वेश में अपराध करना) और धारा 204 (साक्ष्य गुप्त रखने या नष्ट करने का प्रयास) के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।





















































