लखनऊ। एक मां अपनी संतान के जीवन और उसकी मुस्कान की खातिर कठिन से कठिन परिस्थितियों को भी पार कर जाती है। सोमवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्यमंत्री के ‘जनता दर्शन’ में मातृत्व के इसी अदम्य साहस की मार्मिक तस्वीर देखने को मिली। मूसलाधार बारिश के बावजूद सीतापुर निवासी रोली अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष पहुंचीं। थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मासूम के उपचार के लिए उन्होंने शासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई, जिस पर मुख्यमंत्री ने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत प्रदान करने का निर्देश दिया।
मासूम के सिर पर फेरा हाथ, त्वरित आर्थिक मदद के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान जब सीतापुर की रोली ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा सुनाई, तो सीएम योगी ने बच्चे के सिर पर स्नेहपूर्वक हाथ फेरते हुए उसे जल्द स्वस्थ होने का आशीर्वाद दिया। बच्चे की मेडिकल स्थिति और उपचार की आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल से तत्काल उपचार का एस्टीमेट मंगाया जाए, ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से वित्तीय सहायता जारी की जा सके। मुख्यमंत्री से मिले इस ठोस आश्वासन के बाद परेशान मां के चेहरे पर राहत की चमक दिखाई दी और उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार प्रकट किया।
धन के अभाव में नहीं रुकेगा किसी का इलाज
गंभीर बीमारियों के उपचार हेतु आर्थिक सहयोग की मांग लेकर पहुंचे अन्य नागरिकों को भी मुख्यमंत्री ने पूरी तरह आश्वस्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में किसी भी नागरिक का इलाज पैसों की कमी के कारण बाधित नहीं होने दिया जाएगा और सरकार इस दिशा में लगातार वित्तीय सहयोग उपलब्ध करा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अस्पताल के एस्टीमेट से जुड़ी समस्त औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कर शासन को प्रेषित किया जाए, जिससे मरीजों को बिना किसी देरी के राहत मिल सके।
हर फरियादी के पास पहुंचे सीएम, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आदेश
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘कहां से आए हैं, क्या परेशानी है’ के आत्मीय भाव के साथ उपस्थित हर एक फरियादी के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी को भी निराश या परेशान होने की जरूरत नहीं है, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस दौरान पुलिस, राजस्व, चिकित्सा एवं भूमि विवाद से संबंधित प्राप्त सभी प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर, पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ किया जाए ताकि पीड़ितों को वास्तविक संतुष्टि मिल सके।





















































