दनकौर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक आरोपी घायल
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर जिले के दनकौर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और शातिर अपराधियों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गौवंशीय हत्या के एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटनास्थल से पुलिस ने अवैध शस्त्र, चोरी का वाहन, इंजेक्शन, नशीले पदार्थ और संदिग्ध सामान बरामद किया है। वहीं, आरोपी के तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
कैसे हुई यह मुठभेड़? पूरी घटना का क्रम
संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस को हुआ शक
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को थाना दनकौर की टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस सेक्टर-18 पॉकेट-5सी पार्क के निकट पहुंची, जहां एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के पास चार संदिग्ध युवक खड़े मिले।
बदमाशों ने पुलिस पर दागी गोलियां
जैसे ही पुलिस कर्मियों ने उन्हें रुकने का इशारा किया, आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने आत्मसुरक्षा की अनदेखी करते हुए पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
पैर में गोली लगने से घायल हुआ आरोपी
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसे तुरंत गिरफ्तार कर प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल आरोपी की पहचान मेहताब पुत्र मेहरबान, निवासी ग्राम दौला रजपुरा, थाना दनकौर, जनपद गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है।
बरामदगी में मिले आपत्तिजनक सामान
आरोपी के पास से क्या-क्या मिला?
पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में संदिग्ध सामान बरामद किया है। इसमें एक अवैध .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, एक चोरी की बिना नंबर प्लेट मोटरसाइकिल, 10 एमएल का मेफेंटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन, 30 एमएल का लिग्नोकेन हाइड्रो क्लोराइड इंजेक्शन, चार सील पैक सीरिंज, दो चापड़, चार छुरियां, चार प्लास्टिक की रस्सियां तथा चार प्लास्टिक के कट्टे शामिल हैं।
बरामद सामान से जुड़ी पुलिस की जांच
पुलिस ने सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि बरामद इंजेक्शन और सीरिंज संभवतः अवैध पशु वध में उपयोग किए जाते हैं, जबकि प्लास्टिक के कट्टे और रस्सियां भी इसी गतिविधि से जुड़ी हो सकती हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास: पहले भी दर्ज है गौवध का मामला
2019 में भी गौवध निवारण अधिनियम में रहा आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मेहताब के खिलाफ वर्ष 2019 में भी गौवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज था। इस प्रकार उसके खिलाफ गौकशी से संबंधित अब तक दो मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
21 जुलाई की घटना में मुख्य आरोपी मेहताब
पूछताछ के दौरान पता चला कि घायल आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर 21 जुलाई को गौवंशीय हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में थाना दनकौर में पहले से ही मु0अ0सं0 174/2026 के तहत गौवध निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
किसी संगठित गिरोह का सदस्य? पुलिस कर रही खंगाल
पुलिस अब घायल आरोपी मेहताब के अन्य आपराधिक इतिहास की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों को संदेह है कि वह किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो व्यापक स्तर पर अवैध गतिविधियों को अंजाम देता है।
फरार आरोपियों की तलाश: पुलिस का सर्च अभियान जारी
दबिश दे रही पुलिस टीमें
घटना के बाद से फरार हुए तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विशेष टीम गठित, क्षेत्र में सघन अभियान जारी
पुलिस ने फरार बदमाशों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। साथ ही, क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ चेकिंग और सघन अभियान लगातार जारी रहेगा। बरामद हथियारों और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों के बारे में और अहम जानकारी जुटाई जा सके।





















































