उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात पर समाजवादी पार्टी ने आधी आबादी को साधने के लिए बड़ा दांव चला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, सुरक्षा और शिक्षा को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं। लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सपा नेतृत्व ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान करते हुए वादा किया कि राज्य में पार्टी की सरकार बनते ही प्रत्येक महिला को प्रतिवर्ष 40,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही 12वीं पास छात्राओं को मुफ्त लैपटॉप, निशुल्क परिवहन सुविधाएं और पूर्व में बंद किए गए 26 हजार प्राइमरी विद्यालयों को पुन: संचालित करने का संकल्प लिया गया।
‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ से महिलाओं को मिलेगा आर्थिक संबल
सपा सांसद डिंपल यादव ने पार्टी के ‘पीडीए’ फॉर्मूले की नई व्याख्या पेश करते हुए कहा कि इसमें ‘ए’ का सीधा तात्पर्य ‘आधी आबादी’ से है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। डिंपल यादव ने प्रदेश की महिलाओं और युवतियों से सामाजिक बेड़ियों व रूढ़िवादी बंधनों को तोड़कर पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी हर मोड़ पर उनके साथ खड़ी रहेगी। इस योजना के जरिए मिलने वाली 40 हजार रुपये की सालाना राशि महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
छात्राओं को लैपटॉप, साइकिल और मुफ्त मेट्रो यात्रा की सौगात
अखिलेश यादव ने पूर्ववर्ती सपा शासनकाल की उपलब्धियों को याद दिलाते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी सपा सरकार में इंटरमीडिएट पास करने वाली सभी बेटियों को लैपटॉप बांटे जाएंगे। इसके अलावा छात्र-छात्राओं के लिए लोकप्रिय साइकिल वितरण योजना को भी दोबारा शुरू किया जाएगा। छात्राओं के दैनिक आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष कार्ड के जरिए मेट्रो में निशुल्क यात्रा और बेहतर सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग तकनीक की महत्ता को नहीं समझते, वे आज मजबूरी में टैबलेट वितरण की बातें कर रहे हैं।
महिला सुरक्षा, आरक्षण और बंद पड़े 26 हजार स्कूलों की बहाली
सपा प्रमुख ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के नाम पर केवल राजनीतिक बयानबाजी हो रही है, जबकि सपा सरकार ने 1090 विमेन हेल्पलाइन और 102 एंबुलेंस सेवा जैसी जमीनी व्यवस्थाएं लागू की थीं। अखिलेश यादव ने हाथरस सहित अन्य मामलों का जिक्र करते हुए मांग उठाई कि संसद से पारित हो चुके महिला आरक्षण कानून को आगामी चुनाव में ही तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। बुनियादी शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बंद किए गए 26 हजार प्राथमिक स्कूलों को दोबारा शुरू किया जाएगा और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को आधुनिक रूप दिया जाएगा।
सरकारी योजनाओं पर तंज और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का समर्थन
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई बुजुर्ग महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना पर चुटकी लेते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा कार्यालय की रणनीति लीक होकर शासन तक पहुंच रही है, जिसके दबाव में सरकार आनन-फानन में योजनाएं घोषित कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा की प्रगतिशील विचारधारा में ‘पीडीए’ का मतलब समाज के हर पीड़ित, दुखी और वंचित वर्ग से है। महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के पहनावे और जीवनशैली पर राजनीति नहीं होनी चाहिए; उन्हें अपने जीवन के फैसले लेने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने महिलाओं की गरिमा को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तरीय सार्वजनिक प्रसाधनों के निर्माण का भी आश्वासन दिया।




















































