उत्तर प्रदेश की चंदौली पुलिस ने देश भर में फैले एक बहुत बड़े साइबर अपराध सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अलीनगर थाना पुलिस और जिला साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। यह अंतर्राज्यीय गैंग देश के 16 राज्यों में मासूम और अनभिज्ञ लोगों को अपना शिकार बनाकर अब तक करीब 29 लाख रुपये की साइबर चपत लगा चुका है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चंदौली निवासी अमन शर्मा और बिहार के नवादा निवासी नीतीश कुमार के रूप में हुई है।
कूटरचित पहचान पत्रों से खुलवाते थे सैकड़ों ‘म्यूल’ बैंक खाते
पुलिसिया पड़ताल में गिरोह के काम करने के बेहद चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। यह शातिर गिरोह फर्जी दस्तावेजों और कूटरचित पहचान पत्रों के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में सैकड़ों ‘म्यूल’ (भाड़े के) खाते खुलवाता था। इन फर्जी खातों का इस्तेमाल देश भर में लोन मंजूर कराने, ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देने, कूरियर पार्सल शुल्क और शेयर बाजार में फर्जी निवेश के नाम पर रकम ऐंठने के लिए किया जाता था। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर बड़ी संख्या में चेकबुक, बैंक पासबुक, विभिन्न बैंकों के एटीएम/डेबिट कार्ड और अवैध सिम कार्ड बरामद कर दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
चंदौली से बिहार तक फैला था साइबर अपराध का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपने पूरे कार्यजाल (नेटवर्क) का विवरण उजागर किया। गिरोह का पहला सदस्य अमन शर्मा स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहता था। वह सीधे-साधे और ग्रामीण पृष्ठभूमि के लोगों को पैसों का लालच देकर या खुद जाली पते वाले पहचान पत्र तैयार करवाकर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाता था। खाता खुलते ही वह उस खाते की पूरी बैंकिंग किट—जैसे पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड और पंजीकृत मोबाइल नंबर की सिम—अपने पास रख लेता था। इसके बाद दूसरा आरोपी नीतीश कुमार इन सभी दस्तावेजों को अमन से हासिल कर बिहार के नवादा स्थित अपने मुख्य सरगना सोनू सिंह तक पहुंचाता था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे देशव्यापी साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का संचालन नवादा से ही किया जा रहा था।
देश के प्रमुख राज्यों में दर्ज हैं दर्जनों शिकायतें
जब पुलिस की तकनीकी टीम ने बरामद किए गए भाड़े के खातों के वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच की, तो परत-दर-परत कई बड़े खुलासे हुए। इन खातों का संबंध नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की साइबर अपराध शिकायतों से पाया गया। यह गिरोह मुख्य रूप से फेसबुक पर लुभावने विज्ञापन देकर, पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर कमीशन का लालच देकर और ट्रेडिंग में भारी रिटर्न का वादा कर लोगों से लाखों रुपये ऐंठता था।
मास्टरमाइंड की तलाश में दबिश जारी: पुलिस अधीक्षक
मामले का विस्तृत खुलासा करते हुए चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि अलीनगर और साइबर थाना पुलिस की सतर्कता से एक बड़े साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता मिली है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट किया कि नवादा निवासी इस गिरोह के मास्टरमाइंड सोनू सिंह और अन्य फरार साथियों की धरपकड़ के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है, और उन्हें भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





















































