पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट बेहद गहरा गया है। उफान मारती नदियों और कटान के कारण राज्य की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है, जिसे देखते हुए शासन ने प्रदेश के 16 जिलों में बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 28 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि सोनभद्र जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वाभ्यास जताया है।
फर्रुखाबाद में गंगा का तांडव, नदी में बहे मकान
प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा नदी के विकराल रूप ने भारी तबाही मचाई है। बीते 8 दिनों के दौरान नदी के तेज कटान की वजह से 31 मकान पूरी तरह गंगा की धारा में समा चुके हैं। अपनी आंखों के सामने आशियाना उजड़ते देख बेबस ग्रामीण नावों का सहारा लेकर जैसे-तैसे अपना जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक राहत और बचाव कार्य की रफ्तार तेज कर दी गई है।
वाराणसी और मथुरा के घाट जलमग्न, नदियों में उफान
वाराणसी में गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। शहर के सभी 84 घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं, जिससे घाटों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया है। वहीं मथुरा में यमुना नदी भी प्रचंड रूप धारण कर चुकी है और इसका पानी घाटों की ऊपरी सीढ़ियों को लांघकर फैल रहा है। वर्तमान में गंगा और यमुना समेत प्रदेश की 10 प्रमुख नदियां खतरे के निशान के बिल्कुल करीब बह रही हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों में खतरे की घंटी बज गई है।
मूसलाधार बारिश से कई शहर जलमग्न, सड़कों पर भरा पानी
मंगलवार को पश्चिमी और मध्य यूपी के विभिन्न हिस्सों में हुई जोरदार बारिश ने नगर निकायों के दावों की पोल खोल दी। मेरठ, संभल, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में जलभराव के चलते विकट स्थिति पैदा हो गई:
- मेरठ और संभल: मूसलाधार बारिश के चलते कई रिहायशी कॉलोनियां और मुख्य गलियां पूरी तरह जलमग्न हो गईं। घरों और व्यावसायिक दुकानों के अंदर एक-एक फीट तक गंदा पानी भर गया, जिससे लोगों का काफी नुकसान हुआ है।
- मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा मार्ग और प्रसिद्ध शिव चौक इलाके में सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं, जहां 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने खुद मौके पर पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था का जायजा लिया।
मौसम विभाग का अनुमान: अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विज्ञान केंद्र के सैटेलाइट आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसमान में बादलों का घना जमावड़ा बना हुआ है। इसके असर से अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर तेज और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।





















































