उत्तर प्रदेश पुलिस और सोशल मीडिया की पैरेंट कंपनी ‘मेटा’ (Meta) के बीच का तकनीकी तालमेल आज देश भर में जीवन रक्षक साबित हो रहा है। तकनीकी सूझबूझ और त्वरित पुलिसिया कार्रवाई के चलते मेरठ जिले में एक 25 वर्षीय युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया। युवक द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक आत्मघाती वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद जैसे ही मेटा की ओर से सुसाइडल अलर्ट जारी हुआ, सरधना थाने की पुलिस बिना एक पल गंवाए महज 8 मिनट के भीतर युवक के घर पहुंच गई और उसकी जान सुरक्षित बचा ली।
शाम 6:53 बजे आया अलर्ट और शुरू हुआ ‘ऑपरेशन लाइफ’
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मेरठ के सरधना क्षेत्र की है, जहां 7 जून को एक युवक ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो अपलोड किया था। इस वीडियो में वह सफेद रंग का कोई संदिग्ध तरल पदार्थ पीता हुआ दिखाई दे रहा था। इसके साथ ही उसने वीडियो के ऊपर एक भावुक संदेश भी लिखा था, जिसमें लिखा था— “अब तुम खुश रहना अपनी लाइफ में।” इस संवेदनशील पोस्ट को डिटेक्ट करते ही मेटा की ऑटोमैटिक सुरक्षा प्रणाली एक्टिव हो गई और उसने शाम ठीक 6 बजकर 53 मिनट पर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में स्थित सोशल मीडिया सेंटर को एक इमरजेंसी सुसाइडल अलर्ट फॉरवर्ड किया।
लोकेशन ट्रेस कर गंभीर हालत में युवक को पहुंचाया अस्पताल
पुलिस महानिदेशक (DGP) के कड़े निर्देशों के तहत संचालित सोशल मीडिया सेंटर ने बिना समय गंवाए अलर्ट में मिले मोबाइल नंबर और तकनीकी लोकेशन को मेरठ पुलिस के साथ साझा किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मेरठ के कुशल निर्देशन में सरधना थाना पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई और बताए गए पते पर धावा बोल दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो युवक की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी और उसके पास से एक केमिकल की शीशी भी बरामद हुई। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए परिजनों की मदद से उसे फौरन पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। समय पर मिले इलाज के चलते डॉक्टरों ने युवक की हालत को खतरे से बाहर ला दिया है।
प्रेम प्रसंग टूटने पर उठाया था आत्मघाती कदम, की गई काउंसलिंग
होश में आने के बाद जब पुलिस ने युवक से पूछताछ की, तो उसने इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह बताई। युवक ने स्वीकार किया कि हाल ही में उसका प्रेम प्रसंग (Love Affair) टूट गया था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) के दौर से गुजर रहा था। इसी हताशा में उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए युवक और उसके परिवार के सदस्यों की पेशेवर काउंसलिंग कराई है, ताकि वह इस मानसिक संकट से उबर सके और उसे सही मार्गदर्शन मिल सके।
यूपी पुलिस और मेटा का सुरक्षा कवच: अब तक बचीं 3,011 जानें
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा (फेसबुक व इंस्टाग्राम) के बीच साल 2022 से एक विशेष तकनीकी अनुबंध और व्यवस्था संचालित है। इसके तहत यदि राज्य का कोई भी नागरिक इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी कोई भी सामग्री या पोस्ट डालता है, तो उसकी रियल-टाइम जानकारी सीधे पुलिस हेडक्वार्टर को मिल जाती है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी 2023 से लेकर 31 मई 2026 तक की अवधि में यूपी पुलिस ने ऐसे ही लाइफ-सेविंग अलर्ट्स पर त्वरित एक्शन लेते हुए अब तक कुल 3,011 लोगों को असमय मौत के गाल में जाने से सुरक्षित बचाया है।





















































