उत्तर प्रदेश के झांसी में विश्वासघात और सनसनीखेज अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रोजी-रोटी देने वाले गल्ला व्यापारी पर उसी की दुकान के पल्लेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर जानलेवा हमला करवा दिया। 12 अगस्त की शाम व्यापारी को लूटने के इरादे से की गई फायरिंग की गुत्थी को सीपरी बाजार पुलिस और स्वाट (SOWT) टीम ने संयुक्त कार्रवाई में सुलझा लिया है। लकारा पुलिया के पास हुई मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से चारों बदमाश घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दुकान से घर लौटते समय हाईवे पर हुआ था जानलेवा हमला
झांसी के कैलाश रेजीडेंसी निवासी अनाज (गल्ला) कारोबारी प्रशांत गुप्ता 12 अगस्त की शाम भोजला मंडी स्थित अपने प्रतिष्ठान का कामकाज समेटकर स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने उन्हें जबरन रोका और लूटपाट के इरादे से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस हमले ने शहर के व्यापारिक वर्ग में सुरक्षा को लेकर खलबली मचा दी थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल सुरागरशी और तफ्तीश तेज कर दी थी।
कर्ज चुकाने के लालच में दोस्त को दिया था लूट का ‘प्लान’
पुलिस की गहन जांच में जो कड़वी सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखने वाला कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उनकी ही दुकान पर काम करने वाला पल्लेदार शिवम निकला। पूछताछ व जांच के आधार पर सामने आया कि शिवम के दोस्त सुरेंद्र के ऊपर लाखों रुपये का भारी कर्ज था और लेनदार उस पर लगातार दबाव बना रहे थे। सुरेंद्र की लाचारी का फायदा उठाकर शिवम ने अपने ही मालिक को निशाना बनाने की योजना तैयार की। उसने सुरेंद्र को उकसाया कि प्रशांत गुप्ता रोजाना मंडी से भारी नकदी लेकर निकलते हैं, जिन्हें लूटकर न केवल पूरा कर्ज उतारा जा सकता है बल्कि मोटी रकम भी हाथ लग सकती है। इस आपराधिक योजना में सुरेंद्र ने अपने दो सालों (आकाश और प्रद्युम्न) को भी शामिल कर लिया।
लोकेशन ट्रेस कर कराया हमला, खुद मंडी में छिपा रहा मुख्य सूत्रधार
वारदात वाले दिन आरोपी शिवम ने सुनियोजित तरीके से दुकान पर सामान्य काम नहीं किया, बल्कि वह भोजला मंडी परिसर में ही छिपकर व्यापारी की हर गतिविधि पर नजर बनाए रहा। जैसे ही प्रशांत गुप्ता नकदी लेकर अपनी स्कूटी से रवाना हुए, शिवम ने तुरंत हाईवे पर मुस्तैद अपने साथियों को उनकी लोकेशन भेज दी। इसके बाद तीनों हमलावरों ने व्यापारी को घेरकर फायरिंग की और फरार हो गए।
घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए चारों आरोपी
वारदात के चार दिन बाद, खुफिया सूचना के आधार पर सीपरी बाजार पुलिस और स्वाट टीम ने लकारा पुलिया के निकट संदिग्धों की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी गोलीबारी शुरू कर दी। एक गोली सीपरी बाजार थाना प्रभारी जय प्रकाश चौबे की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे वह बाल-बाल बचे। पुलिस बल द्वारा की गई सटीक जवाबी फायरिंग में चारों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे भागने में असमर्थ होकर गिर पड़े।
अवैध असलहे और बाइक बरामद, आरोपी भेजे गए सलाखों के पीछे
नगर पुलिस अधीक्षक प्रीति सिंह ने घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि पकड़े गए चारों अभियुक्त मध्य प्रदेश के दतिया जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चार अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। प्राथमिक उपचार के उपरांत विश्वासघाती पल्लेदार समेत सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।





















































