अयोध्या। पावन धाम अयोध्या में आस्था, संस्कृति और परंपरा के संगम के रूप में विख्यात ऐतिहासिक ‘सावन झूला मेला’ का विधिवत शुभारंभ शनिवार को हो गया। लगभग 28 अगस्त तक अनवरत चलने वाले इस पावन धार्मिक उत्सव के दौरान पूरी रामनगरी भक्ति के अलौकिक रंग में डूब गई है। प्रशासन के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, मेले के पहले ही दिन से लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं का जमावड़ा अयोध्या धाम में हो चुका है। इस वर्ष के उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार साधारण श्रद्धालुओं को भी अपने आराध्य प्रभु श्री रामलला सरकार को झूला झुलाने का दुर्लभ अवसर प्रदान करने हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
कुबेर टीला पर आयोजित होगा भव्य ‘झूलन विहार’, प्रमुख धामों में छाई अनूठी छटा
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुष्ठान प्रभारी व मेला व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्र के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था व प्रबंधकीय सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्सव के दौरान रामलला के झूले को कुबेर टीला परिसर में स्थापित किया जाएगा, जहां ‘झूलन विहार’ का विशेष आयोजन होगा। मेले के दौरान अयोध्या के विभिन्न देवालयों से प्रतिदिन भगवान के विग्रहों की भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जिनका विधिवत समापन मणिपर्वत पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ होगा।
धार्मिक मान्यताओं और परंपरा के अनुसार अयोध्या के 5,000 से अधिक छोटे-बड़े मंदिरों में झूले सजाए गए हैं। इनमें विशेष रूप से श्री राम जन्मभूमि, कनक भवन, दशरथ महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, दिव्य कला कुंज, रंग महल, जानकी महल, राज सदन, रूप कला कुंज और मणिराम दास जी की छावनी जैसे प्रमुख पीठों में अलौकिक उल्लास देखने को मिल रहा है।
माता कौशल्या के वात्सल्य से जुड़ी है परंपरा, नाग पंचमी पर उमड़ेगा जनसैलाब
स्थानीय संत परंपरा के अनुसार, इस पर्व का इतिहास त्रेतायुग से जुड़ा माना जाता है। जनश्रुति है कि प्रभु श्री राम के प्राकट्य के चार माह उपरांत माता कौशल्या और अन्य रानियों ने चारों राजकुमारों को झूला झुलाकर कजरी गीतों का गान किया था। उसी स्मृति में सदियों से सावन मास में रामलला को नूतन वस्त्रों व दिव्य आभूषणों से अलंकृत कर झुलाने की परिपाटी जारी है। इसी क्रम में सोमवार को नाग पंचमी पर्व के अवसर पर ऐतिहासिक नागेश्वर नाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के जलाभिषेक हेतु जुटने की संभावना है।
जोन और सेक्टर में बंटी सुरक्षा व्यवस्था, एटीएस और ड्रोन से पैनी नजर
भक्तों की भारी भीड़ और मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 6 जोन और 29 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर और नगर पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुगमता एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
सुरक्षा घेरे में जिला पुलिस बल, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पीएसी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के कमांडो और एसडीआरएफ (SDRF) के बचाव दल मुस्तैद किए गए हैं। मणिपर्वत और संवेदनशील स्थलों पर दो पालियों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है, जबकि समूचे नगर पर सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों के माध्यम से कड़ी सतर्कता बरती जा रही है।





















































