उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सोशल मीडिया पर वायरल प्रचार का ऐसा खामियाजा भुगतना पड़ा कि जश्न का माहौल सीधे पुलिसिया कार्रवाई तक पहुंच गया। अनवरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत अलम मार्केट में संचालित एक होजरी कारोबारी द्वारा अपने बेटे के जन्मदिन पर दिया गया बेतुका ऑफर शहर में भारी अफरा-तफरी का कारण बन गया। मध्य रात्रि में शुरू हुई 16 मिनट की इस कथित सेल को लूटने के लिए चंद पलों में हजारों की तादाद में खरीदार जुट गए, जिसके बाद मची भगदड़ और हंगामे को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को लाठियां पटककर मोर्चा संभालना पड़ा।
सोशल मीडिया पर 11:59 बजे डाला था 16 रुपये का लुभावना ऑफर
अलम मार्केट में रेडीमेड व होजरी कपड़ों का व्यापार करने वाले रईस आलम ने 15 अगस्त की रात करीब 11 बजकर 59 मिनट पर अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में उन्होंने ऐलान किया कि पुत्र के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में केवल 16 मिनट के लिए उनकी दुकान का हर परिधान—चाहे वह जींस हो, शर्ट हो या महंगा सूट—महज 16 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा। यह संदेश व्हाट्सएप ग्रुपों और इंस्टाग्राम रील्स के माध्यम से बिजली की गति से प्रसारित हो गया और आधी रात को ही शहर भर से लोग अलम मार्केट की ओर दौड़ पड़े।
हजारों की भीड़ में मची धक्का-मुक्की, भगदड़ जैसे बने हालात
ऑफर का लाभ उठाने की होड़ में देखते ही देखते दुकान के आसपास तीन से चार हजार से अधिक लोगों का अनियंत्रित हुजूम एकत्र हो गया। संकरी गलियों वाले बाजार में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। पहले कपड़ा हासिल करने की प्रतिद्वंद्विता में तीखी नोकझोंक शुरू हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक धक्का-मुक्की और भगदड़ में तब्दील हो गई। भीड़ के दबाव में कई लोग जमीन पर गिर पड़े और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। जनसैलाब के आक्रामक तेवर देखकर कारोबारी रईस आलम घबरा गया और भारी हंगामे के बीच आनन-फानन में शटर बंद कर मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, लाठियां पटककर हटाई गई भीड़
सूचना मिलते ही अनवरगंज तथा बेगमगंज थाने की पुलिस समेत एसीपी मंजय सिंह भारी सुरक्षा बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। बेकाबू हो चुकी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउडस्पीकर से लगातार चेतावनी दी गई। हालात सामान्य करने के लिए पुलिसकर्मियों को लाठियां जमीन पर पटककर जमावड़े को खदेड़ना पड़ा। मुख्य आरोपी रईस आलम के फरार होने के बाद पुलिस ने मौके पर मौजूद उसके भाई को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने ले गई।
बिना अनुमति भीड़ जुटाने पर दुकानदार के खिलाफ कानूनी शिकंजा
मामले की गंभीरता को स्पष्ट करते हुए एसीपी मंजय सिंह ने कहा कि किसी भी व्यापारी को बिना पूर्व प्रशासनिक अनुमति या सुरक्षा प्रबंध के सार्वजनिक व्यवस्था को खतरे में डालने वाले ऐसे आयोजन की इजाजत नहीं है। इस भ्रामक प्रचार से कानून एवं व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बिना तैयारी के अव्यवस्था फैलाने और सार्वजनिक सुरक्षा को ताक पर रखने के आरोप में दुकानदार रईस आलम के विरुद्ध कठोर वैधानिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।





















































